Income Tax Filing 2024: इस वित्तीय वर्ष में टैक्स देनदारी कैसे करें कम, जानें डिटेल

How to Save Tax: इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने का समय है। ऐसे में टैक्स सेविंग विकल्पों की तलाश में एक्टिव रहना जरूरी है। टैक्स सेविंग रणनीतियों का लाभ उठाकर आप अपने टेक-होम वेतन को बढ़ा सकते हैं और अपनी वित्तीय स्थिरता में सुधार कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसके लिए क्या करें।

How to Save Tax: अप्रैल में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो गई। आपके पास अपने टैक्स बिल की प्लानिंग बनाने और टैक्स व्यय में कटौती करने के लिए अपने वेतन का पुनर्गठन करने का समय है। उचित टैक्स प्लान आपको टैक्स बचाने और अपने हाथ में आने वाले वेतन को बढ़ाने में मदद कर सकती है। इनकम टैक्स एक्ट एक वित्तीय वर्ष में निवेश, बचत और खर्चों के लिए कटौती की अनुमति देता है। आपके कुल वेतन को देखते समय ऐसा लग सकता है कि आप अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं। हालांकि आपके टेक-होम वेतन पर विचार करना जरूरी है, जो कि टैक्स जैसी कटौतियों के बाद आपको वास्तव में प्राप्त होने वाली राशि है। अगर आप टैक्स बचाने के लिए कदम नहीं उठाते हैं, तो आप पाएंगे कि आपका नेट वेतन आपके अनुमान से काफी कम है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप अपनी कमाई अधिकतम कर रहे हैं, टैक्स सेविंग विकल्पों की तलाश में एक्टिव रहना जरूरी है। टैक्स सेविंग रणनीतियों का लाभ उठाकर आप अपने टेक-होम वेतन को बढ़ा सकते हैं और अंततः अपनी वित्तीय स्थिरता में सुधार कर सकते हैं।

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कैसे बचाएं टैक्स (तस्वीर-Canva)

टैक्स ब्रैकेट को समझें

टैक्सपेयर्स के पास एसेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए पुरानी और नई टैक्स व्यवस्थाओं के बीच चयन करने का विकल्प है। नई टैक्स व्यवस्था विभिन्न आय श्रेणियों के लिए संभावित रूप से कम टैक्स दरों की पेशकश करती है। हालांकि, यह पुरानी व्यवस्था के तहत उपलब्ध कुछ कटौतियों को भी समाप्त कर देती है। पुरानी टैक्स व्यवस्था सदियों पुरानी टैक्स स्ट्रक्चर है जो दशकों से चली आ रही है। टैक्सपेयर इनकम टैक्स एक्ट की विभिन्न सेक्सशन के तहत विभिन्न कटौती और छूट का दावा कर सकते हैं। इस स्कीम के तहत करीब 70 कटौतियां और छूट उपलब्ध हैं जो आपकी टैक्स योग्य आय को कम करने में मदद करती हैं। यह सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये की कटौती की भी अनुमति देता है। केंद्रीय बजट 2020 में रियायती टैक्स दरों के साथ नई टैक्स व्यवस्था पेश की गई थी। नई टैक्स व्यवस्था का विकल्प चुनने वाले टैक्सपेयर्स एचआरए, एलटीए, सेक्शन 80सी और कई अन्य जैसी प्रमुख कटौती का दावा नहीं कर सकते हैं। बजट 2023 में केंद्र सरकार ने इसे एक डिफॉल्ट विकल्प बना दिया। अगर कोई टैक्सपेयर पुरानी और नई टैक्स व्यवस्थाओं के बीच चयन नहीं करता है, तो उनके टैक्स की गणना नई व्यवस्था के तहत स्वत: आ जाती है। वेतनभोगी व्यक्तियों और व्यावसायिक पेशेवरों को हर साल पुरानी और नई टैक्स व्यवस्थाओं के बीच स्विच करने का अवसर दिया जाता है।

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