Income Tax Department scanning 89 high value transactions:इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का पता चला है। विभाग करीब 89 ट्रांजैक्शन की पड़ताल कर रहा हैं, जिसमें प्रत्येक लेन-देन में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के हेर-फेर किए गए हैं। खास बात यह है सभी लेन-देन विदेश से किए गए हैं। विभाग को यह लेन-देन साल 2019-20 और 2020-21 के दौरान होने का शक है। और इस मामले में विभाग ने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे में 89 ट्रांजैक्शन से जुड़े लोग अब विभाग के निशाने पर हैं।
इनकम टैक्स के रडार पर 89 लेन-देन
पूछताछ शुरू
इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के अनुसार इस मामले में संबंधित लोगों से इनकम टैक्स विभाग ने पूछताछ भी शुरू कर दी है। इसके तहत उनके लेन-देन से जुड़े अहम सवाल पर जवाब मांगा गया है। अहम बात यह है कि सभी ट्रांजैक्शन 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के हैं। और उनमें टैक्स चोरी का शक है। और यह सभी विदेश से किए गए हैं। इसे देखते हुए अगर संबंधित लोग अपने लेन-देन का उचित ब्यौरा नहीं दे पाए, तो उन्हें कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
6 महीने में 35 हजार केस
इसके पहले मार्च में इनकम टैक्स विभाग ने जानकारी दी थी कि उनसे 68 हजार मामलों की पहचान की है, जिनमें टैक्स चोरी की आशंका है। ये ऐसे मामले हैं, जिनमें हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन किए गए हैं। इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट को ये संदिग्ध मामले साल 2019-20 के दौरान किए गए ट्रांजैक्शन में मिले थे। उस समय न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार CBDT के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने बताया था कि इन हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन में से 35 हजार केस पहले छह महीने में सुलझा लिए गए थे। और ई-वैरिफिकेशन स्कीम का करीब 15 लाख लोगों ने फायदा उठाया था।
