इनकम टैक्स के रडार पर 68000 केस,कहीं आपने तो नहीं की ये गलती,सुधारने का 31 मार्च तक मौका

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 14, 2023, 11:39 AM IST

Income Tax department examining 68,000 Cases: इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट ने वित्त वर्ष 2019-20 में ई-वैरिफिकेशन के दौरान हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन की पहचान की है। जिनके आईटीआर फाइलिंग में विसंगतियां हैं। और उसे सुधारने के लिए 31 मार्च तक अपेडेटेड आईटीआर फाइल करने का मौका है।

Income Tax department examining 68,000 Cases:इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट ने ऐसे 68 हजार मामलों की पहचान की है, जिनमें टैक्स चोरी की आशंका है। ये ऐसे मामले हैं, जिनमें हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन किए गए हैं। इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट को ये संदिग्ध मामले साल 2019-20 के दौरान किए गए ट्रांजैक्शन में दिखे हैं। ऐसे में जिन लोगों ने अभी तक रिवाइज्ड ITR नहीं भरा है, उनके पास 31 मार्च तक मौका है। इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट 31 मार्च तक संशोधित आईटीआर फाइल करने का मौका दे रहा है। जो लोग ओरिजनल आईटीआर में विसंगतियां पाएं जाने के बाद अपडेटेड आईटीआर नहीं भरेंगे, उन पर डेडलाइन बीतने के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कार्रवाई कर सकता है।

INCOME TAX RADAR

इनकम टैक्स कर सकता है बड़ी कार्रवाई

इस तरह से पकड़े मामले

इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट ने पायलट आधार पर वित्त वर्ष 2019-20 में ई-वैरिफिकेशन के दौरान हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन की पहचान की है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार CBDT के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने बताया है कि इन हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन में से 35 हजार केस पहले छह महीने में सुलझा लिए गए हैं। गुप्ता के अनुसार ई-वैरिफिकेशन स्कीम के जरिए टैक्स देनदारी का पारदर्शी तरीके से भुगतान किया जा सकता है। स्कीम आयकर दाता को इनकम टैक्स फाइलिंग में विसंगति को स्वीकार करने और उसे सुधारने का मौका देती है। और इसके जरिए वह अपडेटेड ITR फाइल कर सकते हैं।

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