ज्वेलरी बेची तो सरकार लेगी टैक्स, दान दिया तो मिलेगी छूट, क्या हैं इनकम टैक्स के नियम?

Old Jewellery Tax: पुरानी ज्वेलरी बेचने पर टैक्स देनदारी बन सकती है, जबकि बुजुर्ग कल्याण संस्था को दान करने पर आयकर छूट मिल सकती है। जानें दोनों से जुड़े जरूरी नियम।

Old Jewellery Tax : घर में रखी पुरानी ज्वेलरी बेचना सिर्फ पैसा पाने का जरिया नहीं है, बल्कि इस पर सरकार को टैक्स भी चुकाना पड़ता है। इसके अलावा, अगर आप किसी बुजुर्ग कल्याण संस्था को दान (डोनेशन) देते हैं, तो उस पर टैक्स छूट पाने के भी खास नियम हैं। आइए, इन दोनों मामलों से जुड़े इनकम टैक्स नियमों को विस्तार और सादगी से समझते हैं।

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सावधान! घर की पुरानी ज्वेलरी बेचना भी टैक्स के दायरे में, जानिए कैसे बचाएं अपनी गाढ़ी कमाई!

ज्वेलरी बेचने पर टैक्स का गणित

इनकम टैक्स नियमों के तहत ज्वेलरी को 'कैपिटल एसेट' (पूंजीगत संपत्ति) माना जाता है। इसलिए इसे बेचने से होने वाला कोई भी फायदा 'कैपिटल गेन्स' की कैटेगरी में आता है और उस पर टैक्स लगता है। टैक्स की दर इस बात पर निर्भर करती है कि आपने ज्वेलरी कितने समय तक अपने पास रखी।

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