वैश्विक चिंताओं के कारण बाजार में उथल-पुथल जारी रहने की संभावना, जानें एक्सपर्ट की राय

Impact of Iran-Israel war on India:जून में दर में कटौती की निवेशकों की उम्मीद अमेरिका में अपेक्षा से अधिक मुद्रास्फीति, सकारात्मक अमेरिकी रोजगार और विनिर्माण डेटा के कारण धराशायी हो गई। नायर ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर देखें तो निवेशकों को लगता है कि चौथी तिमाही की कॉर्पोरेट आय कमजोर होगी, साथ ही मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों के वैल्यूएशन काफी ज्यादा हैं। इसको देखते हुए एफआईआई सावधानी बरत रहे हैं।

Impact of Iran-Israel war on India: जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर का कहना है कि निवेशक चौथी तिमाही की कमाई और भू-राजनीतिक घटनाओं पर करीब से नजर बनाए हुए हैं, जो बाजार की दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि आपूर्ति संबंधी चिंताओं के साथ-साथ मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे बाजार के सेंटीमेंट्स कमजोर हुए हैं।

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कौन से फैक्टर रहेंगे

जून में दर में कटौती की निवेशकों की उम्मीद अमेरिका में अपेक्षा से अधिक मुद्रास्फीति, सकारात्मक अमेरिकी रोजगार और विनिर्माण डेटा के कारण धराशायी हो गई। नायर ने कहा कि घरेलू मोर्चे पर देखें तो निवेशकों को लगता है कि चौथी तिमाही की कॉर्पोरेट आय कमजोर होगी, साथ ही मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों के वैल्यूएशन काफी ज्यादा हैं। इसको देखते हुए एफआईआई सावधानी बरत रहे हैं।

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