Stock Brokerage Shares: भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी है। इसका असर अब ब्रोकरेज और एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के शेयरों पर भी देखने को मिला रहा है। ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म एंजेल वन के शेयर ने सोमवार को 10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,952.25 रुपये का इंट्राडे लो बनाया। हालांकि, बाद में इसमें रिकवरी आई और आखिर में ये 8.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1977.65 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक हफ्ते में एंजेल वन का शेयर 15 प्रतिशत से अधिक गिर गया है।
स्टॉक ब्रोकरेज़ के शेयरों में गिरावट
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बाकी ब्रोकरेज फर्मों के शेयरों का हाल
अन्य ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज का शेयर भी लाल निशान में है। आखिर में इसका शेयर 1.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 577.75 रुपये पर रहा। यह शेयर बीते एक हफ्ते में 5 फीसदी से अधिक गिर चुका है।
कितना गिरा BSE
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के शेयर में भी बड़ी गिरावट हुई है। इसका शेयर 5.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,366 रुपये पर रहा। बीएसई के शेयर में बीते एक हफ्ते में 21 प्रतिशत से अधिक की गिरावट हुई है। इसके अलावा सीएएमएस और सीडीएसएल जैसे शेयरों में बीते एक हफ्ते में 9 प्रतिशत तक की गिरावट हुई है। इस गिरावट की वजह शेयर बाजार की वॉल्यूम में कमी को माना जा रहा है।
ट्रेडिंग वॉल्यूम में 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट
हाल ही में देश की बड़ी ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के सीईओ और सह-संस्थापक नितिन कामत ने कहा था कि 15 वर्षों में पहली बार उनके बिजनेस में गिरावट देखने को मिली है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कामत ने कहा कि सभी ब्रोकर्स के प्लेटफॉर्म पर ट्रेडर्स की संख्या और कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम में 30 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर यह ट्रेंड जारी रहता है तो वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एसटीटी कलेक्शन 40,000 करोड़ रुपये के नीचे रह सकता है, जो कि सरकार के अनुमान 80,000 करोड़ रुपये से 50 प्रतिशत कम है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
