स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता घटाने के लिए आईएमईसी, हिंद-प्रशांत मार्ग बेहद अहम: रिपोर्ट

ईवाई की ’इकॉनमी वॉच’ की मई रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया संकट और बदलती वैश्विक व्यापार एवं आर्थिक व्यवस्था से उत्पन्न दबावों को देखते हुए भारत को अपनी वृद्धि रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है।

देश को होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता कम करने के लिए अपने व्यापार मार्गों में विविधता लाने और भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) तथा मलक्का जलडमरूमध्य के जरिये हिंद-प्रशांत मार्ग जैसे वैकल्पिक संपर्क गलियारों के विकास में तेजी लाने की जरूरत है। वित्तीय परामर्श कंपनी ईवाई की एक रिपोर्ट में यह कहा गया।

Strait of Hormuz

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनियाभर के लिए एक जरूरी व्यापारिक मार्ग है। (फोटो क्रेडिट-iStock)

ईवाई की ’इकॉनमी वॉच’ की मई रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया संकट और बदलती वैश्विक व्यापार एवं आर्थिक व्यवस्था से उत्पन्न दबावों को देखते हुए भारत को अपनी वृद्धि रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है, ताकि मध्यम और दीर्घकालिक वृद्धि पथ को नुकसान से बचाया जा सके।

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