Post Office में है खाता तो पाई-पाई पर नजर रखेगी सरकार, बनाई 3 कैटेगरी, चेक करें अपना रिकॉर्ड

पोस्ट ऑफिस स्कीमों में सभी निवेशों को सख्त केवाईसी/पीएमएलए अनुपालन नियमों के तहत लाया गया है। ऐसा आतंकवादी फाइनेंसिंग/मनी लॉन्ड्रिंग एक्टिविटीज के लिए इनका दुरुपयोग को रोकने के लिए किया गया है। साथ ही कस्टमर्स के लिए 3 कैटेगरी बनाई गई हैं, जिनमें उन्हें रखा जाएगा।

KEY HIGHLIGHTS
  • पोस्ट ऑफिस में निवेश के नियम बने सख्त
  • रिस्क के लिए बनाई गईं 3 कैटेगरी
  • देनी होगी फंड की जानकारी

Post Office Risk Category : सरकार ने अब पोस्ट ऑफिस स्कीमों (Post Office Schemes) में 10 लाख रुपये से अधिक का निवेश करने वालों के लिए पैसे के सोर्स का प्रूफ देना जरूरी कर दिया है। इस तरह सरकार आपके पैसे पर नजर रखेगी। बता दें कि पोस्ट ऑफिस स्कीमों में सभी निवेशों को सख्त केवाईसी/पीएमएलए अनुपालन (KYC/PMLA Compliance Rules) नियमों के तहत लाया गया है। ऐसा आतंकवादी फाइनेंसिंग/मनी लॉन्ड्रिंग एक्टिविटीज के लिए इनका दुरुपयोग को रोकने के लिए किया गया है। साथ ही कस्टमर्स के लिए 3 कैटेगरी बनाई गई हैं, जिनमें उन्हें रखा जाएगा। क्या हैं ये कैटेगरियां आगे जानिए।

कौन से डॉक्यूमेंट्स हो सकते हैं पेश

  • बैंक / पोस्ट ऑफिस खाता डिटेल, जिसमें पैसे के सोर्स की जानकारी हो
  • पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान दाखिल किए गए आयकर रिटर्न में से कोई एक, जो सकल आय (Gross Income) में निवेश को को-रिलेट करता है
  • सेल डीड / गिफ्ट डीड / वसीयत / लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन / उत्तराधिकार प्रमाण पत्र में कोई अन्य दस्तावेज जो आय / फंड का सोर्स बताता हो

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