India Economic Conclave 2023: टाइम्स नेटवर्क के इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2023 के पहले दिन शेयर बाजार के दिग्गज कोटक महिंद्रा बैंक एसेट मैनेजमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह, मोबियस कैपिटल फाउंडर्स के फाउंडर पार्टनर मार्क मोबियस और GQuant Investech के फाउंडर शंकर शर्मा ने ईटी नाउ के मैनेजिंग एडिटर निकुंज डालमिया से खास बात की। निकुंज ने नीलेश से सवाल किया कि उन्हें ऐसा क्यों लगता है कि भारतीय मार्केट के लिए अभी भी बेस्ट आना बाकी है, जबकि इतिहास गवाह है कि मार्केट और इकोनॉमी एकसाथ नहीं चलते? इस सवाल पर नीलेश ने जवाब में कहा कि महाराष्ट्र की मौजूदा जीडीपी, साल 2005 में भारत के कुल जीडीपी के बराबर है। 17 सालों में महाराष्ट्र उस मुकाम पर पहुंच चुका है, जहां कल भारत हुआ करता था।
महाराष्ट्र की मौजूदा जीडीपी, साल 2005 में भारत के कुल जीडीपी के बराबर है
देश के ये 6 राज्य 20 साल में बना देंगे भारत जैसे 5 देश
नीलेश शाह ने आगे कहा, ''साल 2001 में उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल (उत्तराखंड) एक हुआ करते थे, आज दोनों राज्यों की कुल जीडीपी साल 2001 में भारत की कुल जीडीपी के बराबर है। इसके अलावा तमिलनाडु, गुजरात और कर्नाटक की मौजूदा जीडीपी, साल 2000 में भारत की कुल जीडीपी के बराबर है। 20 साल के अंतराल में ये 6 राज्य उस मंजिल पर पहुंच चुके हैं जहां कल को भारत हुआ करता था। अगर हम अगले 20 साल तक इसी तरह काम करते रहे तो जीडीपी के मामले में ये 6 राज्य आज के भारत जैसे 5 भारत बना देंगे।'' यही वजह है कि भारत में निवेश करना चाहिए।
भारत में इंवेस्टमेंट बढ़ा रहे हैं मार्क मोबियस
मोबियस कैपिटल फाउंडर्स के फाउंडर पार्टनर मार्क मोबियस ने निकुंज को बताया कि भारत में अब उनके कुल 4 इंवेस्टमेंट है। मार्क जब साल 2017 में IEC में हिस्सा लेने आए थे तब भारत में उनका सिर्फ एक इंवेस्टमेंट था जो अब बढ़ते-बढ़ते 4 हो गया है। भारत में अपार संभावनाएं हैं, इसलिए निवेश बढ़ रहा है।
पब्लिक का पैसा क्यों नहीं मैनेज करते शंकर शर्मा
GQuant Investech के फाउंडर शंकर शर्मा ने कहा कि वे पब्लिक मनी को मैनेज नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि बेयर मार्केट में आपको पब्लिक मनी मैनेज करना चाहिए क्योंकि वहां आपको फायदे का भरोसा मिलता है। जबकि बुल मार्केट में आपको अपना पैसा मैनेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब आप 1000 प्रतिशत पैसा बना सकते हैं तो आप आधे पर्सेंट के लिए क्यों सेटल करेंगे।
