Hyundai IPO: देश की सबसे सफल विदेशी ऑटोमेकर कंपनी हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड को IPO के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से मंजूरी मिल गई है। इसका आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू होगा। मारुति सुजुकी के बाद भारत की दूसरी सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी हुंडई, IPO के जरिए कम से कम 3 अरब डॉलर (लगभग 25,000 करोड़ रुपये) जुटा सकती है। इससे कंपनी की वैल्यूशन लगभग 18 बिलियन डॉलर या लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी। अब तक, मई 2022 में लॉन्च किया गया LIC का 21,008 करोड़ रुपये का IPO भारत का सबसे बड़ा IPO रहा है। हुंडई के IPO में इसकी दक्षिण कोरियाई पैरेंट कंपनी हुंडई मोटर कंपनी द्वारा 142 मिलियन शेयरों या 17.5% हिस्सेदारी की बिक्री की जाएगी।
हुंडई लाएगी IPO
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भारत हुंडई के लिए तीसरा सबसे बड़ा बाजार
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार हुंडई को आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गयी है। फिलहाल इसकी लिस्टिंग पर कोई अपडेट नहीं है। हुंडई निवेशकों को एक काफी ज्यादा प्रॉफिट वाली ऑटोमोबाइल कंपनी में निवेश का मौका देगी। शेयर बाजारों में ऑटो कंपनियों का प्रदर्शन पहले से ही बहुत अच्छा रहा है। भारत हुंडई के लिए अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बाद ग्लोबल लेवल पर तीसरा सबसे बड़ा कमाई वाला बाजार है।
इसने पहले ही देश में 5 अरब डॉलर का निवेश किया है, और अगले दशक में 4 अरब डॉलर और निवेश करने का प्लान बनाया है।
भारत में कब की एंट्री
हुंडई ने 1996 में भारत में एंट्री की और देश में आना फोर्ड और जनरल मोटर्स जैसी ऑटोमेकर्स के लिए काफी चुनौती वाला रहा। इसने सैंट्रो जैसी सस्ती हैचबैक से इन कंपनियों को कड़ी टक्कर दी। समय के साथ ग्राहकों की जरूरत बदली, तब हुंडई ने 2015 में अपनी पहली भारत में बनी एसयूवी लॉन्च की।
मिड साइज की क्रेटा ने फौरन सफलता हासिल की और हुंडई को सबसे अधिक कमाई करने वाली कार बन गई। हुंडई के पास अब 13 कारों के पोर्टफोलियो में आठ एसयूवी हैं, लेकिन पिछले वित्त वर्ष में भारत की कुल 2.5 मिलियन यूनिट एसयूवी बिक्री में इसकी हिस्सेदारी तीन साल पहले के 24% से घटकर 19% रह गई।
अब भी एसयूवी रेवेन्यू के लिए टॉप पर
ईटी प्राइम की रिपोर्ट के अनुसार, हुंडई को अपने घरेलू कारोबार का 66% रेवेन्यू एसयूवी से मिल रहा है, जो इंडस्ट्री के एवरेज से अधिक है। अधिक कीमत वाली, अधिक प्रॉफिट वाली इन एसयूवी की बढ़ती हिस्सेदारी ने कंपनी के ऑपरेशनल प्रॉफिट मार्जिन को वित्त वर्ष 16-23 के औसत 7% से बढ़ाकर वित्त वर्ष 24 (नौ महीने) में 9.5% कर दिया है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर एक आगामी आईपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
