Nitin Gadkari Export Strategy : केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका द्वारा लागू की गई नई टैरिफ पॉलिसी ने भारत के लिए वैश्विक निर्यात के नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत को अपने निर्यात क्षमता को बढ़ाने का सुनहरा मौका मिला है। गडकरी ने कहा कि दुनिया भर में जिस तरह के व्यापारिक परिवर्तन हो रहे हैं, उसमें भारत के पास अवसर है कि वह अमेरिका और यूरोप जैसे बाजारों में चीन की जगह ले सके।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी
लॉजिस्टिक्स खर्च में कटौती पर जोर
गडकरी ने बताया कि भारत में लॉजिस्टिक्स का खर्च अभी भी 14 से 16 प्रतिशत है, जबकि चीन में यह केवल 8 प्रतिशत है। यह लागत का अंतर भारत को निर्यात के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा में पीछे कर देता है। उन्होंने कहा कि सरकार इस खर्च को घटाने के लिए देशभर में लॉजिस्टिक्स पार्क, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क, और अन्य बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को विकसित कर रही है।
पीथमपुर लॉजिस्टिक्स पार्क का निरीक्षण
गडकरी ने इंदौर के पास स्थित पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में करीब ₹1,200 करोड़ की लागत से बन रहे मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के पहले चरण के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। यह पार्क 255 एकड़ में फैला है और इसके पहले चरण का काम डेढ़ से दो साल में पूरा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह पार्क मालवा-निमाड़ अंचल में आयात-निर्यात को नई दिशा देगा, लॉजिस्टिक्स खर्च को घटाएगा, और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएगा।
रेलवे साइडिंग से बंदरगाहों तक सीधा कनेक्शन
गडकरी ने पार्क में बनने वाली रेलवे साइडिंग की नींव भी रखी, जिससे पार्क को करीब 7 किलोमीटर दूर सागौर रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इससे किसानों और उद्योगों की उपज को मुंबई के जेएनपीटी और गुजरात के कांडला व मुंद्रा बंदरगाहों तक कम समय और लागत में पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह ऐसा होगा मानो मुंबई का समुद्र पीथमपुर आ जाएगा। पार्क में कंटेनरों की जांच की सुविधा भी होगी, जिससे माल सीधे बंदरगाहों तक भेजा जा सकेगा।
जलमार्ग से भी बढ़ेगी कनेक्टिविटी
गडकरी ने बताया कि नर्मदा नदी सहित अन्य नदियों पर जलमार्ग के जरिए माल परिवहन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इससे मध्यप्रदेश में आर्थिक गति और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। गडकरी का यह दौरा और उनके द्वारा दिए गए संकेत बताते हैं कि भारत सरकार अब निर्यात और बुनियादी ढांचे को एक साथ जोड़कर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत को आगे लाने के प्रयासों में जुट गई है।
