Tax Saving Option: इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने का समय चल रहा है। इस समय टैक्सपेयर्स और सैलरी वाले टैक्स सेविंग के ऑप्शन और तरीके खोजते हैं। कोई भी अपनी आय पर जितनी अधिक डिडक्शन का फायदा ले सकता है, उसकी टैक्सेबल इनकम उतनी ही कम होगी। आमतौर पर माना जाता है कि टैक्सपेयर्स पुरानी टैक्स रिजीम के तहत 1.5 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स कटौती का ही क्लेम कर सकते हैं। मगर ऐसा नहीं है। हालांकि केवल कुछ ही लोग जानते होंगे कि ऐसे ऑप्शन भी हैं जिनके जरिए धारा 80सी की लिमिट (1.5 लाख रुपये) से ऊपर भी इनकम टैक्स बेनेफिट का फायदा लिया जा सकता है। आगे जानिए क्या है तरीका।
टैक्स सेविंग के क्या-क्या हैं ऑप्शन
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ये हैं दो तरीके
1.5 लाख रु से ऊपर टैक्स बचाने के तरीकों में से एक है कि आप आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80सीसीडी (1बी) का उपयोग करें। इसके तहत 50,000 रुपये की अतिरिक्त छूट आपको अपने एनपीएस योगदान पर मिलेगी।
आप अपने हेल्थ या मेडिकल बीमा पर भी छूट ले सकते हैं। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80डी के तहत मेडिकल बीमा प्रीमियम में सामान्य नागरिकों को 25000 रु और वरिष्ठ नागरिकों को 50000 रु की कटौती का लाभ मिलता है। मगर धारा 80डी की कटौती का लाभ केवल पुरानी टैक्स रिजीम के तहत ही उपलब्ध है।
बच्चों के बीमा प्रीमियम पर भी मिलेगी छूट
यदि कोई 60 वर्ष से कम आयु का है और उसने अपने, अपने जीवनसाथी और आश्रित बच्चों के लिए स्वास्थ्य बीमा का प्रीमियम दिया तो वह धारा 80डी के तहत 25,000 रुपये की कटौती का क्लेम कर सकता है। यदि 60 वर्ष से कम उम्र के अपने माता-पिता के लिए स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के प्रीमियम का भुगतान किया जाए तो 25,000 रुपये की अतिरिक्त टैक्स कटौती का क्लेम किया जा सकता है।
माता-पिता वरिष्ठ नागरिक हों तो क्या है नियम
यदि माता-पिता वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से अधिक) हैं, तो वे अपनी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के प्रीमियम का भुगतान करने पर 50,000 रुपये की टैक्स कटौती का क्लेम कर सकते हैं। इसलिए, 60 वर्ष से कम आयु के टैक्सपेयर्स जो अपने वरिष्ठ नागरिक माता-पिता के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम का भुगतान करते हैं, वे आसानी से धारा 80डी के तहत 75,000 रुपये तक की अधिकतम टैक्स कटौती का क्लेम कर सकते हैं।
