घर बनाने में सबसे ज्यादा पैसा कहां खर्च होता है? कैसे करें लागत कंट्रोल

घर बनाने में सबसे ज्यादा खर्च सीमेंट, सरिया जैसी निर्माण सामग्री और स्ट्रक्चर तैयार करने में होता है। लागत कंट्रोल करने के लिए काम शुरू करने से पहले पक्का नक्शा बनवाएं, थोक में मटेरियल खरीदें और फिनिशिंग में समझदारी दिखाएं।

घर बनाने के कुल बजट का लगभग 60 से 65 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ निर्माण सामग्री (Construction Material) यानी सीमेंट, सरिया (Steel), ईंट, रेत (बालू) और गिट्टी खरीदने में खर्च होता है। इसमें भी सबसे बड़ा हिस्सा 'सरिया और सीमेंट' का होता है, क्योंकि इनके दाम बाजार में लगातार घटते-बढ़ते रहते हैं। इसके बाद दूसरा सबसे बड़ा खर्च घर के 'ढांचे' (Grey Structure) को खड़ा करने में आता है, जिसमें नींव (Foundation) की खुदाई, पिलर और छत की ढलाई शामिल है। यदि आपकी नींव मजबूत नहीं है तो पूरा घर असुरक्षित हो जाता है, इसलिए लोग इस हिस्से में सबसे ज्यादा पैसा लगाते हैं। इसके बाद फिनिशिंग का काम जैसे टाइल्स, मार्बल, पेंट, बिजली के तार और प्लंबिंग का सामान बजट का एक बड़ा हिस्सा खा जाता है।

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लेबर कॉस्ट और ठेकेदार की लापरवाही

मटेरियल के बाद जो खर्च सबसे ज्यादा जेब पर भारी पड़ता है, वह है लेबर कॉस्ट (मजदूरी)। घर बनाने के कुल बजट का करीब 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा राजमिस्त्री और मजदूरों की दिहाड़ी या ठेकेदार के कमिशन में जाता है। कई बार काम कछुआ गति से चलने के कारण या नक्शे में बार-बार बदलाव करने की वजह से लेबर का खर्च उम्मीद से दोगुना हो जाता है। ठेकेदार की छोटी सी लापरवाही या गलत नाप-जोख के कारण सामग्री बर्बाद होती है, जिसका सीधा असर मकान मालिक की जेब पर पड़ता है।

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