15.85 लाख की सैलरी वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब 1 रुपए का भी नहीं देना होगा टैक्स; जानें कैसे काम करता है यह 'सीक्रेट' फॉर्मूला

अगर आप भी 15 लाख की सैलरी पर 1 रुपए का भी टैक्स नहीं देना चाहते हैं तो ये खबर आपके काम की साबित हो सकती है। आइए आपको वो सीक्रेट फार्मूला बताएं जिसके जरिए आप टैक्स बचा सकते हैं।

अक्सर नौकरीपेशा लोगों को लगता है कि नए टैक्स रिजीम (New Tax Regime) में टैक्स बचाना लगभग नामुमकिन है, क्योंकि इसमें पुराने रिजीम की तरह 80C (LIC, PPF) या होम लोन के ब्याज पर छूट नहीं मिलती। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आपकी सालाना सैलरी ₹15.85 लाख है, तब भी आप अपना टैक्स पूरी तरह से बचाकर उसे 'शून्य' कर सकते हैं? जी हां, टैक्स नियमों के सही तालमेल और स्मार्ट निवेश के जरिए यह बिल्कुल संभव है। इसके लिए आपको नए टैक्स रिजीम के तहत मिलने वाले स्टैंडर्ड डिडक्शन और विशेष रूप से NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) का सही इस्तेमाल करना होगा।

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कैसे भरें जीरो टैक्स?

इस 'जीरो टैक्स' फॉर्मूले की शुरुआत होती है स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) से। नए नियमों के अनुसार, अब नौकरीपेशा लोगों को ₹75,000 की सीधी छूट मिलती है। यानी ₹15.85 लाख में से ₹75,000 घटाने पर आपकी टैक्स योग्य आय ₹15.10 लाख रह जाती है। इसके बाद सबसे बड़ा रोल आता है कॉर्पोरेट NPS (Section 80CCD(2)) का। अगर आपका एम्प्लॉयर आपकी बेसिक सैलरी का 10% हिस्सा NPS में योगदान देता है, तो उस पर आपको टैक्स में पूरी छूट मिलती है। मान लीजिए आपकी बेसिक सैलरी कुल पैकेज का 50% है, तो यहाँ आप लगभग ₹79,250 की अतिरिक्त छूट पा सकते हैं। इसके अलावा, एम्प्लॉयर की ओर से मिलने वाले अन्य टैक्स-फ्री भत्तों (जैसे मील कूपन, इंटरनेट रीइम्बर्समेंट या कार लीज) के जरिए आप अपनी टैक्सेबल इनकम को और कम कर सकते हैं।

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