How to Get Cheaper Car Loan: बैंकों की तरफ से लगातार कर्ज महंगा किए जाने के बाद कार लोन भी महंगा होता जा रहा है। लेकिन इसके बावजूद कारों की क्रेज बढ़ रही है। ऐसे में बाजार में ग्राहकों को लुभाने के लिए बैंक और फाइनेंस कंपनियां तरह-तरह के ऑफर दे रही है। जिसमें 90फीसदी फाइनेंस से लेकर लंबे समय के लिए कर्ज की अवधि जैसे लुभावने ऑफर दिए जा रहे हैं। इसे देखते हुए हमेशा आपको 20-10-4 फॉर्मूले का ध्यान रखना चाहिए। ऐसा करने से ज्यादा ब्याज के दौर में कार लोन आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेगा।
कार लोन लेते समय इन टिप्स का करें यूज
क्या है 20-10-4 फॉर्मूला
कार लोन लेते समय 20-10-4 फॉर्मूला हमेशा कारगर होता है। आइए सबसे पहले जानते हैं कि इस फॉर्मूले में 20 का क्या मतलब है। असल में आपको बहुत से ऐसे ऑफर मिलेंगे, जिसमें कार की कीमत का 90 फीसदी तक लोन देने की सुविधा दी जाती है। लेकिन हमेशा कोशिश करें कि कार की कीमत की 20 फीसदी राशि डाउनपेमेंट के रुप में दी जाए। ऐसा करने से आप ज्यादा ब्याज देने से बचेंगे।
EMI का ये नियम हमेशा रखें ध्यान
इसी तरह फॉर्मूले में 10 अंक ईएमआई की अहमियत बताता है। लोन लेते समय हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपकी ईएमआई, कुल इनकम से 10 फीसदी से ज्यादा न हो। यानी अगर आप 50,000 रुपये कमाते हैं तो ईएमआई 5000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
लोन पीरियड भी अहम
| लोन की राशि | अवधि | ब्याज | अवधि | ब्याज | अतिरिक्त ब्याज |
| 5 लाख रुपये | 4 | 1,08,702 रुपये | 7 साल | 1,97,250 रुपये | 88,548 रुपये |
लोन आप कितने समय के लिए लेते हैं, यह भी बहुत मायने रखता है। इसके तहत यह कोशिश करनी चाहिए कि लोन की अवधि 4 साल से ज्यादा नहीं हो। वैसे तो बैंक और फाइनेंस कंपनियां सात साल तक का भी विकल्प देती हैं, लेकिन यह आपके लिए घाटे का सौदा हो सकता है। क्योंकि ज्यादा लोन अवधि पर ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ता है।
