Share Market: बीते कुछ दशकों में शेयर बाजार ने काफी ग्रोथ की है। इससे निवेशकों की दौलत भी कई गुना हो गई। अगर किसी के पास 20-30 साल पुराने शेयर हों तो आज उनकी वैल्यू बहुत अधिक होगी। उदाहरण के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के शेयर ने पिछले करीब 29 सालों में 12968 फीसदी रिटर्न दिया है। अगर किसी ने तब रिलायंस के शेयर खरीदे होते तो आज वो मालामाल हो गया होगा। रिलायंस के शेयरों से जुड़ी एक दिलचस्प खबर भी सामने आई है। दरअसल दिल्ली के एक व्यक्ति के चाचा ने बहुत साल पहले रिलायंस के शेयर खरीदे थे। चाचा की कोई संतान न होने के चलते वे शेयर दिल्ली के निवासी को मिल गए, जिनकी वैल्यू 60 लाख रु हो गई थी। पहले शेयर फिजिकल फॉर्म (हार्ड कॉपी) में होते थे। इसलिए यदि आपके पिता या दादा ने कभी शेयर खरीदे और वे शेयर आपके पास हैं तो उन्हें पहले डिजिटल फॉर्म में कंवर्ट कराना होगा। इससे आपको तगड़ा फायदा हो सकता है। आगे जानिए कंवर्ट और बेचने की प्रोसेस।
पुराने स्टॉक सर्टिफिकेट कैसे बेचें
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कैसे ट्रांसफर कराएं अपने नाम पर
- पिता या दादा के शेयरों को अपने नाम पर ट्रांसफर करने के लिए आपको जिस कंपनी के शेयर हैं, उसके रजिस्ट्रार से संपर्क करना पड़ेगा
- कंपनी शेयर सर्टिफिकेट की जांच करेगी और दावेदार यानी आपका वेरिफिकेशन करेगी
- जिसने शेयर खरीदे थे उसका मृत्यु प्रमाणपत्र और आपसे संबंध के डॉक्यूमेंट चाहिए होंगे
- शेयरों की वैल्यू अधिक होने पर गारंटर चाहिए होता है। इसके बाद आपको शेयर मिल जाएंगे
पुराने शेयर सर्टिफिकेट कैसे बिकेंगे
ट्रांसफर एजेंट के जरिए
यदि आपके अपने पुराने शेयर हार्ड कॉपी में हैं तो उन्हें बेचने के दो तरीके हैं। बता दें कि ट्रांसफर एजेंट लिस्टेड कंपनी की ओर से स्टॉक ट्रांसफर मैनेजमेंट संभालने वाली फर्म होती है।
ट्रांसफर एजेंट के जरिए पुराने स्टॉक सर्टिफिकेट बेचने के लिए, आपको ऐसी फर्म से संपर्क करना होगा और स्टॉक ट्रांसफर फॉर्म भरना होगा। ट्रांसफर एजेंट शेयरों को आपके ब्रोकरेज खाते में ले जाएगा, जहां से आप बिक्री कर सकेंगे।
ब्रोकर के जरिए
एक अन्य ऑप्शन है कि अपने पुराने स्टॉक सर्टिफिकेट को ब्रोकर के जरिए बेचें। इसमें ब्रोकरेज खाता खोलना और उस खाते में सर्टिफिकेट डिपॉजिट करना शामिल है। फिर आपका ब्रोकर आपकी ओर से शेयरों की बिक्री कराएगा।
लगता है डिमटेरियलाइजेशन चार्ज
जब आप फिजिकल स्टॉक सर्टिफिकेट को डिजिटल फॉर्मेट में कंवर्ट कराएंगे, तो आपको डिमटेरियलाइजेशन चार्ज देना होगा। ये चार्ज अलग-अलग ब्रोकरेज फर्म के लिए अलग-अलग हो सकता है।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
