Retirement Planning and fund requirement: कहते हैं कमाई के समय से ही बचत करने का मौका होता है। यानी जब आप कमाते हैं, उसी वक्त ही ज्यादा से ज्यादा बचत भी कर सकते हैं। क्योंकि एक बार कमाई का रास्ता खत्म हो गया तो बचत करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बढ़ते खर्च के दौर में रिटायरमेंट की प्लानिंग करना भी बेहद जरूरी है। और जिस तरह से पुराना पेंशन सिस्टम खत्म हो गया है, ऐसे में हर व्यक्ति को रिटायरमेंट की प्लानिंग करनी चाहिए। और यह प्लानिंग इस तरह होनी चाहिए कि आप जान सकें, कि जब आप काम नहीं करेंगे, तो आपको अपना घर चलाने के लिए कितने पैसे की जरूरत होगी। इस कैलकुलेशन में रिटायरमेंट के समय होने वाले खर्च और महंगाई को भी शामिल करना होगा। उसके बाद सही मायने में रिटायरमेंट प्लानिंग हो पाएगी।
रिटायरमेंट के लिए ऐसे करें प्लानिंग
इस फॉर्मूले से पता करें रिटायरमेंट प्लानिंग
रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग में सबसे अहम उम्र होती है। क्योंकि जितना आपके पास रिटायरमेंट के लिए समय होगा, उतने कम निवेश में आप अच्छा फंड तैयार कर सकती है। यानी जितनी जल्दी रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करेंगे, उतना ही आपको आसानी होगी।
इसके अलावा रिटायरमेंट में महंगाई की भूमिका बेहद अहम होती है। क्योंकि जब आप रिटायर होंगे तो वस्तुओं की कीमतें आज की तुलना में कहीं ज्यादा होंगी। और आपको उस आधार पर अपने खर्च का कैलकुलेशन करना होगा।
रिटायरमेंट के समय फंड= रिटायरमेंट के समय सालाना खर्च X 60 साल पूरा होने में बचा समय/ (1+महंगाई दर) ^ रिटायरमेंट उम्र
इसके आधार पर रिटायरमेंट फंड की प्लानिंग की जा सकती है। टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को रिटायरमेंट के समय सालाना 10 लाख रुपये की जरूरत है। और उसे रिटायर होने में 20 साल का समय बचा है। तो 6 फीसदी महंगाई दर के आधार पर उसे 2.50 करोड़ रुपये फंड की जरूरत पड़ेगी।
निवेश के लिए अपनाए ये स्ट्रैटेजी
अगर कम पैसे में आप ज्यादा बचत करना चाहते हैं तो निवेश को डाइवर्सिफाई करना बेहद जरूरी है। यानी सारा पैसा एक जगह निवेश नहीं करे। बल्कि अलग-अलग जगहों पर अपना निवेश करें।
1. NPS
2.गोल्ड
3.SIP
4.रियल एस्टेट
इन जगहों में रिस्क के आधार पर निवेश को डावर्सिफाई किया जा सकता है। हालांकि निवेश से पहले एकस्पर्ट की सलाह जरुर लें।
