जब हम कोई सेविंग अकाउंट खुलवाते हैं, तो अक्सर ऐसा लगता है कि सिर्फ एक ही खाता काफी होगा। लेकिन कई लोग अलग-अलग जरूरतों के लिए एक से ज्यादा सेविंग अकाउंट भी खुलवाते हैं जैसे एक आम खर्चों के लिए, दूसरा बचत या भविष्य के लिए। लेकिन क्या एक इंसान इतने सेविंग अकाउंट रख सकता है? आइए जानते हैं?
कितनी है लिमिट?
दरअसल, बैंकिंग नियमन के हिसाब से किसी व्यक्ति के पास एक बैंक में सेविंग अकाउंट खोलने की संख्या पर कोई सख्त सीमा नहीं है। यानी आप चाहें तो एक ही बैंक में दो, तीन या उससे अधिक सेविंग अकाउंट खुलवा सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों की सलाह है कि तीन से अधिक अकाउंट रखने पर संभालने में परेशानी हो सकती है।
क्या हैं फायदे-नुकसान?
अधिक अकाउंट होने के कुछ फायदे हैं आप अपनी मासिक आमदनी, बचत और खर्च के लिए अलग-अलग खाते रख सकते हैं। लेकिन इसके साथ कुछ खर्च-संबंधी और मैनेजमेंट वाले नुकसान भी होते हैं। क्योंकि अन्य अकाउंट्स में अक्सर न्यूनतम बैलेंस रखना होता है, नहीं रखने पर बैंक पेनल्टी चार्ज लगा सकता है। साथ ही, कई खाते होने से देखभाल और निगरानी जरूरत से ज्यादा हो जाती है।
इसलिए, अगर आप एक बैंक में अनेक अकाउंट खोलने की सोच रहे हैं, तो ध्यान दें कि क्या आप उन सभी खातों में न्यूनतम बैलेंस बनाए रख सकते हैं, क्या आपके खाते नियमित सक्रिय रहेंगे, और क्या आपको वास्तव में अलग-अलग खातों की ज़रूरत है। इन सवालों का जवाब “हां” होगा तो अधिक अकाउंट खोलना फायदेमंद हो सकता है। वरना एक ही खातामे तो बेहतर रहेगा आसान, सरल और कम झंझट वाला।
