आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति क्रेडिट कार्ड (Credit Card) का इस्तेमाल कर रहा है। अलग-अलग बैंक Cashback, Airport lounge access, Reward points और Instant approval जैसे ऑफर्स देकर ग्राहकों को नए कार्ड्स लेने के लिए आकर्षित करते हैं। कई लोग बेहतर ऑफर्स के चक्कर में कई क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर देते हैं। हालांकि फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स मानते हैं कि जरूरत से ज्यादा क्रेडिट कार्ड एप्लीकेशन आपकी क्रेडिट प्रोफाइल पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं। आइए समझते हैं कैसे-
Credit Cards (Photo: iStock)
क्रेडिट हिस्ट्री हो सकती है चेक
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हर बार जब कोई व्यक्ति नए क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करता है, तो बैंक उसकी क्रेडिट हिस्ट्री चेक करता है। इसे हार्ड इन्क्वायरी कहा जाता है। एक-दो इन्क्वायरी सामान्य मानी जाती हैं, लेकिन कम समय में कई एप्लीकेशन लेंडर्स को यह संकेत दे सकती हैं कि व्यक्ति को अचानक ज्यादा क्रेडिट की जरूरत पड़ रही है।
क्रेडिट स्कोर हो सकता है प्रभावित
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बार-बार क्रेडिट कार्ड अप्लाई करने के से क्रेडिट स्कोर पर अस्थायी असर पड़ सकता है। खासकर तब जब कुछ एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाएं। मल्टीपल कार्ड इन्क्वायरीज को सिस्टम एग्रेसिव बोरोइंग बिहेवियर के रूप में देख सकता है। इसका असर उन लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है, जो जल्द ही होम लोन (Home Loan), कार लोन (Car Loan) या पर्सनल लोन (Personal Loan) लेने की योजना बना रहे हों।
लगातार रिजेक्शन से लेंडर हो सकते हैं अलर्ट
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि लगातार रिजेक्शन भविष्य के लेंडर को और ज्यादा सचेत बना सकते हैं। कई लोग सोचते हैं कि अलग-अलग बैंकों में कोशिश करने में कोई नुकसान नहीं है, लेकिन बार-बार रिजेक्शन वित्तीय संस्थानों के सामने एक नेगेटिव पैटर्न बना सकता है।
मल्टीपल क्रेडिट कार्ड रखना सही है या गलत
हालांकि, यह कहना भी गलत होगा कि ज्यादा क्रेडिट कार्ड रखना हमेशा नुकसान का सौदा होता है। अगर कोई व्यक्ति अपने कार्ड को सही तरीके से मैनेज कर रहा है समय पर पेमेंट कर रहा है और यूटिलाइजेशन रेश्यो कम रखता है तो मल्टीपल कार्ड्स को लेकर कोई नुकसान नहीं पहुंचता। कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से 3 से 5 कार्ड्स तक रखना कुछ लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है।
असल समस्या तब शुरू होती है जब व्यक्ति ड्यू डेट्स, एनुअल फी और आउटस्टैंडिंग बैलेंस ट्रैक नहीं कर पाता। Missed payment क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचा सकती है और लेट फीस के साथ ब्याज का बोझ भी बढ़ सकता है। इसके अलावा ,ज्यादा क्रेडिट लिमिट मिलने से ओवरस्पेंडिंग की आदत भी बढ़ सकती है। सेल ऑफर्स और आसान ईएमआई स्कीम कई बार लोगों को जरूरत से ज्यादा खर्च करने के लिए प्रेरित कर देती हैं।
