हिमाचल प्रदेश के आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। सरकार ने ईंधन पर प्रति लीटर 60 पैसे का 'अनाथ और विधवा सेस' लागू किया है। इस नए सेस के कारण पूरे राज्य में तेल के दामों में उछाल आया है। नई दरें लागू होने के बाद राजधानी शिमला में अब पेट्रोल की कीमत बढ़कर ₹103.25 प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल ₹95.21 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।
'विधवा-अनाथ सेस' की वजह से बढ़े दाम!
अलग-अलग राज्यों में क्यों अलग होते हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
भारत में हर राज्य सरकार पेट्रोल और डीजल पर अपने हिसाब से वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) और अलग-अलग तरह के सेस (Cess) वसूलती है। वैट की दरें हर राज्य में भिन्न होने के कारण ही देश के अलग-अलग हिस्सों और राज्यों में ईंधन की अंतिम बिक्री दर में अंतर देखने को मिलता है। यही वजह है कि सीमा पार करते ही पड़ोसी राज्यों में तेल के दाम बदल जाते हैं।
पड़ोसी शहरों चंडीगढ़ और देहरादून से तुलना
हिमाचल प्रदेश के पड़ोसी क्षेत्रों से तुलना करें तो चंडीगढ़ में पेट्रोल और डीजल दोनों ही हिमाचल से काफी सस्ते मिल रहे हैं। चंडीगढ़ में पेट्रोल का भाव ₹101.51 प्रति लीटर और डीजल का भाव ₹89.47 प्रति लीटर है।
दूसरी तरफ, उत्तराखंड के देहरादून की बात करें तो वहां आज पेट्रोल ₹100.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.93 प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है। इसका मतलब यह है कि उत्तराखंड में पेट्रोल तो हिमाचल प्रदेश की तुलना में सस्ता है, लेकिन वहां डीजल हिमाचल से थोड़ा महंगा मिल रहा है।
कब से नहीं बदले रेट?
मई के महीने में सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की थी। हालांकि, 25 मई के बाद से इनके दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार ने हाल ही में संसद में स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की दरें तय करने में उसकी सीधे तौर पर कोई भूमिका नहीं होती और इसका फैसला पूरी तरह से सरकारी तेल कंपनियां ही करती हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में फिर आया उछाल
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर चढ़ने लगी हैं। ब्रेंट क्रूड फिलहाल 0.92 फीसदी की बढ़त के साथ 89.73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। वहीं, डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड भी 1.08 फीसदी यानी करीब 90 सेंट की तेजी के साथ 84.10 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
