भारत में किस राज्य में मजदूरों को मिलती है सबसे ज्यादा दिहाड़ी?

भारत में मजदूरों की आर्थिक स्थिति और उनकी दैनिक आय राज्यों की भौगोलिक और आर्थिक नीतियों पर निर्भर करती है। 1 मई 2026 को मजदूर दिवस के अवसर पर जारी आंकड़ों के अनुसार, केरल देश में सबसे ज्यादा दिहाड़ी देने वाले राज्यों की सूची में शीर्ष पर बना हुआ है।

1 मई 2026 को जब पूरा विश्व मजदूर दिवस मना रहा है, तो भारत में भी कामगारों की स्थिति और उनकी आय को लेकर चर्चा तेज है। भारत एक विशाल देश है और यहां के अलग-अलग राज्यों में मजदूरों की न्यूनतम दिहाड़ी में काफी अंतर पाया जाता है। एक मजदूर को दिनभर की मेहनत के बदले कितनी रकम मिलेगी, यह उस राज्य की आर्थिक स्थिति, सरकारी नियमों और वहां की मांग पर निर्भर करता है। जहां कुछ राज्यों में दिहाड़ी बहुत कम है, वहीं कुछ ऐसे भी राज्य हैं जहां मजदूरों को काफी सम्मानजनक मजदूरी मिलती है।

Labor wage

केरल: सबसे ज्यादा दिहाड़ी देने वाला राज्य

अगर हम भारत में सबसे ज्यादा दिहाड़ी (Daily Wage) देने वाले राज्य की बात करें, तो केरल इस सूची में सबसे ऊपर आता है। केरल में साक्षरता दर अधिक होने और मजबूत श्रमिक संगठनों के कारण यहां मजदूरों को उनके श्रम का उचित मूल्य मिलता है। यहां एक अकुशल मजदूर की औसत दिहाड़ी भी कई विकसित राज्यों की तुलना में काफी अधिक है। केरल के बाद हरियाणा और पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्यों का नंबर आता है, जहाँ खेती और निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों को अच्छी खासी रकम मिल जाती है।

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