क्या आप भी रखते हैं एक से ज्यादा Bank Account? इन बातों को समझ लिया, तो आसान हो जाएगा पैसा मैनेज करना

एक या दो अकाउंट रखना ही समझदारी भरा फैसला है, क्योंकि इससे ज्यादा खाते अक्सर फायदे के बजाय सिरदर्द बन जाते हैं। आइए आज आपको बताते हैं एक से ज्यादा Bank account रखने के क्या नुकसान होते हैं?

आजकल सैलरी बदलने, लोन लेने या किसी खास ऑफर के चक्कर में हम कई बैंकों में अपना खाता खुलवा (Bank Account) लेते हैं। कुछ समय बाद हम पुराने खातों को भूल जाते हैं, लेकिन बैंक उन्हें नहीं भूलता। बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि एक सामान्य व्यक्ति के लिए एक या अधिकतम दो बैंक खाते पर्याप्त होते हैं। इससे ज़्यादा खाते रखने पर न केवल उन्हें मैनेज करना मुश्किल हो जाता है, बल्कि यह आपके निवेश और बचत पर भी नकारात्मक असर डालता है। आइए जानते हैं वे 6 बड़े नुकसान जो कई बैंक अकाउंट (Saving Account) रखने से आपको झेलने पड़ सकते हैं।

Bank Account

ये 6 नुकसान पड़ सकते हैं भारी

1. मिनिमम बैलेंस का बढ़ता बोझ

हर बैंक की अपनी एक शर्त होती है कि आपको खाते में एक निश्चित राशि (Minimum Balance) रखनी होगी। अगर आपके पास 4-5 अकाउंट हैं और हर बैंक में मिनिमम बैलेंस की सीमा 5,000 से 10,000 रुपये है, तो आपकी एक बड़ी रकम (करीब 25,000 से 50,000 रुपये) बिना किसी खास ब्याज के ब्लॉक हो जाती है। यदि आप यह बैलेंस मेंटेन नहीं कर पाते, तो बैंक भारी पेनल्टी वसूलते हैं, जो सीधा आपकी बचत पर डाका डालती है।

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