GST Council on Online Gaming Tax: GST काउंसिल 2 अगस्त को अपनी बैठक में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े वर्चुअल डिजिटल एसेट वाले ट्रांजैक्शन, पेमेंट पर 28 फीसदी GST लगाने पर विचार कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, GST एक्ट में प्रस्तावित संशोधन में कहा गया है कि वर्चुअल डिजिटल एसेट के तौर पर ट्रांजैक्शन और जीत पर भी 28 फीसदी GST लगाया जाएगा।
ऑनलाइन गेमिंग
महीने से भी कम में यह GST काउंसिल की दूसरी बैठक
दिए प्रस्ताव में कहा गया है कि 'ऑनलाइन गेमिंग की सप्लाई की वैल्यू, पैसे या वर्चुअल डिजिटल एसेट के तौर पर सप्लायर को पेमेंट की गई कुल रकम या उसी के पास जमा की गई कुल रकम होगी।' आगामी बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होगी। एक महीने से भी कम में यह GST काउंसिल की दूसरी बैठक होगी। सभी ऑनलाइन गेमिंग प्लैटफॉर्म फिलहाल ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू पर नहीं बल्कि प्लैटफॉर्म फीस पर 18 फीसदी GST देते हैं, जिसे ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) भी कहा जाता है। ट्रांजैक्शन की फुल वैल्यू को कॉन्टेस्ट एंट्री अमाउंट (CEA) भी कहा जाता है।
28 फीसदी टैक्स की तैयारी
सरकार ऑनलाइन गेमिंग को लेकर नियमों को ज्यादा स्पष्ट बनाना चाहती है। प्रस्तावित संशोधन के मुताबिक, ऑनलाइन गेम के लिए डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक प्लैटफॉर्म को ऑपरेट या मैनेज करने वाले प्लैटफॉर्म को चलाने वाली कंपनियां या लोग टैक्स के दायरे में होंगे, चाहे 'एक्शनेबल क्लेम' की सप्लाई पैसे में हो या वर्चुअल एसेट के तौर पर हो। 28 फीसदी टैक्स का प्रावधान इस तरह के 'ऐक्शनेबल क्लेम' पर लागू होगा।
2017 में 'ऐक्शनेबल क्लेम' को गुड्स की कैटगरी में रखा गया
सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स, 2017 में 'ऐक्शनेबल क्लेम' को गुड्स की कैटगरी में रखा गया है। अब तक लॉटरी, बेटिंग और जुए को 'ऐक्शनेबल क्लेम' के दायरे में रखा गया था। अब हॉर्स रेसिंग और ऑनलाइन गेमिंग को भी इस कैटगरी में जोड़ दिया जाएगा।
