GST Bachat Utsav: निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव ने जीएसटी सुधारों पर कही कई बड़ी बातें

GST Bachat Utsav: जीएसटी बचत उत्सव पर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित नई जीएसटी सुधार नीति 22 सितंबर से लागू हुई। यह नई पीढ़ी के सुधार भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को सरल और जनता के लिए लाभकारी बनाते हैं।

GST Bachat Utsav: केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव जीएसटी बचत उत्सव पर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित यह नई जीएसटी सुधार नीति 22 सितंबर से प्रभाव में आ गई है। नई पीढ़ी के जीएसटी सुधार भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन सुधारों के तहत विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर कर दरों में कटौती की गई है, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है। विशेष रूप से स्टेशनरी वस्तुओं पर जीएसटी दरों में बड़ी राहत दी गई है, जिससे छात्र और खुदरा विक्रेता लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा को प्रोत्साहित करने, सीखने को बढ़ावा देने और आवश्यक सामग्री को सभी के लिए सुलभ एवं सस्ती बनाने की व्यापक पहल का हिस्सा है।

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जीएसटी बचत उत्सव पर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और अश्विनी वैष्णव (तस्वीर-PIB)

54 वस्तुओं पर कड़ी नजर- निर्मला सीतारमण

इस मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती का लाभ 22 सितंबर से आम आदमी तक पहुंच रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार 54 वस्तुओं पर कड़ी नजर रख रही है कि क्या कंपनियां जीएसटी का लाभ अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि पोर्टलैंड सीमेंट को छोड़कर, जहां इनपुट टैक्स क्रेडिट का मुद्दा है, सभी सीमेंट कंपनियों ने कीमतें कम कर दी हैं। जीएसटी कटौती के बाद ऑटो कंपनियां, इलेक्ट्रॉनिक्स और एफएमसीजी कंपनियां बढ़ी बिक्री की रिपोर्ट कर रही हैं। उन्होंने कहा कि टैक्स में अपेक्षा से अधिक कटौती हुई है और उपभोक्ताओं को अपेक्षा के अनुरूप लाभ मिल रहा है, तथा कुछ लाभ तो उससे भी अधिक हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में, व्यवसायों ने जीएसटी दरों में उम्मीद से अधिक कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को दिया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्गीकरण से जुड़े मुद्दे, जिनके कारण लोगों के मन में कई सवाल और भ्रम पैदा हुए थे और जिनमें अदालतों का भी काफी समय लगा था, सभी सुलझ गए हैं। इसलिए, दीपावली से ठीक पहले, बल्कि नवरात्रि के पहले दिन इसे लॉन्च करके, मुझे लगता है कि भारत के लोगों ने इसे अच्छी तरह से स्वीकार किया है। यह पूछे जाने पर कि क्या यह (जीएसटी कटौती) टैरिफ वार का जवाब है। इस पर उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि जीएसटी परिषद की बैठक के दिन भी, हमने स्पष्ट रूप से कहा था कि इस पर डेढ़ साल से काम चल रहा था। उस समय टैरिफ वार के बारे में कौन सोच सकता था? इन डेढ़ सालों में कई मंत्रियों के समूह काम कर रहे थे। इसलिए, इन पर विभिन्न स्तरों पर और विभिन्न समयों पर चर्चा हुई। यह टैरिफ वार जैसा बिल्कुल नहीं है। यह (जीएसटी कटौती) तो होना ही था। यह अब हो गया है।

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