Windfall Tax: सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल पर अप्रत्याशित कर (विंडफॉल टैक्स) घटाया है। इस टैक्स को कच्चे तेल पर 4,600 रुपये प्रति टन से घटाकर 2,100 रुपये प्रति टन कर दिया है। यानी प्रति टन 2500 रु की कटौती की गई है। यह टैक्स शनिवार से प्रभावी हो गया है। यह टैक्स विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) के रूप में लगाया जाता है। डीजल, पेट्रोल और जेट ईंधन (ATF) के एक्सपोर्ट पर एसएईडी (Special Additional Excise Duty) को ‘शून्य’ पर बरकरार रखा गया है।
कच्चे तेल पर विंडफॉल टैक्स घटा
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2022 से हुई इस टैक्स की शुरुआत
आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया कि नई दरें 17 अगस्त दिन शनिवार से प्रभावी हो गई हैं। भारत ने पहली बार एक जुलाई, 2022 को अप्रत्याशित लाभ कर लगाया, जिससे वह उन देशों में शामिल हो गया जो ऊर्जा कंपनियों के असाधारण लाभ पर कर लगाते हैं।
हर 15 दिन में होता है बदलाव
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विंडफॉल टैक्स की समीक्षा हर पखवाड़े में होती है। फिर पिछले दो सप्ताह में औसत तेल कीमतों के आधार पर टैक्स रेट की समीक्षा की जाती है और नए रेट जारी किए जाते हैं।
क्यों लगाया जाता है विंडफॉल टैक्स
विंडफॉल टैक्स सरकार की तरफ से तब लगाया जाता है जब कोई इंडस्ट्री अप्रत्याशित रूप से अधिक मुनाफ़ा कमाती है (खासकर किसी अचानक हुई घटना के कारण)। दुनिया के सबसे बड़े तेल उपभोक्ता चीन की मांग संबंधी चिंताओं और मध्य पूर्व में कम होते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रही हैं। (इनपुट - भाषा)
