सरकार ने ऑनलाइन मनी गेमिंग नियम के उल्लंघन को गैर-जमानती बनाने का प्रस्ताव रखा

मसौदा नियम ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन एवं विनियमन अधिनियम की धारा 19 के तहत तैयार किए गए हैं। अधिनियम को राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद 22 अगस्त को अधिसूचित कर दिया गया था।

सरकार ने धन आधारित ऑनलाइन गेमिंग नियमों के उल्लंघन को गैर-जमानती अपराध बनाने और उल्लंघन में मदद करने के लिए कंपनी के सभी कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने का प्रस्ताव रखा है। बृहस्पतिवार को जारी मसौदा नियमों के मुताबिक, किसी भी अधिकृत अधिकारी को किसी भी स्थान, चाहे वह भौतिक हो या डिजिटल, में प्रवेश करने और ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन एवं विनियमन (पीआरओजी) अधिनियम, 2025 के तहत किसी भी अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति की बिना वारंट के तलाशी लेने और गिरफ्तार करने की अनुमति होगी।

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नियम बनने के बाद बिना वारंटी तलाशी लेने की अनुमति होगी।(फोटो क्रेडिट- iStock)

इसमें प्रस्ताव किया गया है, ‘‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 में निहित प्रावधानों के बावजूद, धारा पांच और धारा सात के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे।’’ मसौदा नियमों के तहत, धारा पांच संस्थाओं को ऑनलाइन मनी गेम्स और ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं की पेशकश, सहायता, प्रोत्साहन या उनमें शामिल होने से रोकती है।

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