Alphabet ने सालाना आधार पर अपने कुल रेवेन्यू में 12 फीसदी की बढ़ोतरी हासिल की है। यह अब 90.2 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। कंपनी की क्लाउड सर्विस ने खास तौर पर 28% की बढ़त के साथ 12.3 अरब डॉलर का योगदान दिया। सीईओ सुंदर पिचाई ने इस परफॉर्मेस का श्रेय कंपनी की "फुल स्टैक AI रणनीति" को दिया और Gemini सॉफ़्टवेयर को नवाचार के लिए "अद्भुत नींव" बताया।
विज्ञापन तकनीक में भी एकाधिकार का आरोप (Image: Britannica)
AI और डेटा सॉल्यूशन की मांग में उछाल
पिचाई ने कहा कि डेटा सेंटर्स आधारित सॉल्यूशंस और क्लाउड सेवाओं की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। कंपनी की AI कैपासिटी ने उसे कंपटीशन में आगे बनाए रखा है। eMarketer के खास एनालिस्ट योरी वुर्मसर ने कहा, "क्लाउड की ग्रोथ दिखाती है कि Google की AI प्रोडक्ट स्ट्रैटजी सफल हो रही है।" हालांकि, चीन के DeepSeek जैसे सस्ते AI मॉडल्स से Alphabet के निवेश के टिकाऊ होने पर सवाल उठ रहे हैं।
कानूनी दबाव: एंटीट्रस्ट केस में घिरी Alphabet
इस शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के बावजूद Alphabet गंभीर कानूनी मामलों में उलझी हुई है। अमेरिकी न्याय विभाग ने गूगल पर एंटीट्रस्ट कार्रवाई शुरू की है, जिससे कंपनी को Chrome ब्राउजर जैसे प्रमुख संपत्तियों को बेचने के लिए मजबूर किया जा सकता है। सहायक अटॉर्नी जनरल गेल स्लेटर ने कहा, “यह केवल एक मामला नहीं है, यह इंटरनेट के भविष्य का सवाल है।”
विज्ञापन तकनीक में भी एकाधिकार का आरोप
एक अन्य मामले में जज लिओनी ब्रिंकिमा ने फैसला दिया कि गूगल ने ऑनलाइन विज्ञापन तकनीक बाजार में अवैध रूप से दबदबा बनाया। यह फैसला कंपनी के मुख्य रेवेन्यू सोर्स को खतरे में डाल सकता है। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, Alphabet ने दोनों मामलों में अपील करने की पुष्टि की है। कंपनी के वैश्विक मामलों के चेयरमैन केंट वॉकर ने कहा कि ये मामले खासतौर से Apple और Samsung जैसी कंपनियों के साथ गूगल की साझेदारियों से जुड़े हुए हैं।
