दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी गूगल ने भारतीय स्टार्टअप फर्म को वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद देने के लिए ‘मार्केट एक्सेस प्रोग्राम’ की शुरुआत की। इसके साथ ही कंपनी ने अपने ओपन-सोर्स AI मॉडल फैमिली 'जेम्मा' में नए एआई मॉडल जोड़ने की भी घोषणा की। गूगल ने कहा कि यह पहल भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) संबंधी ढांचे से जुड़े उसके निवेश को आगे बढ़ाती है। कंपनी पहले ही आंध्र प्रदेश में एआई हब और डेटा सेंटर के लिए 15 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा कर चुकी है।
Google Market Access Program (Photo : iStock)
भारतीय स्टार्टअप फर्म के लिए ‘मार्केट एक्सेस प्रोग्राम’
विशाखापत्तनम में स्थापित ग्लोबल एआई हब को हरित ऊर्जा से संचालित किया जा रहा है और इसमें गूगल के एडवांस एआई चिप का इस्तेमाल होगा, जिससे भारतीय स्टार्टअप फर्म को उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधाएं मिल सकेंगी। गूगल ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि ‘मार्केट एक्सेस प्रोग्राम’ का उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप फर्म को स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयोगों से सीधे वैश्विक स्तर पर विस्तार करने में मदद करना है। यह कार्यक्रम उन एआई-आधारित स्टार्टअप फर्म के लिए है जो शुरुआती चरण से आगे बढ़ चुके हैं और अब बड़े स्तर पर काम करना चाहते हैं।
जेम्मा एआई मॉडल फैमिली में नए मॉडल
गूगल ने जेम्मा एआई मॉडल फैमिली के तहत मेडजेम्मा 1.5 और फंक्शनजेम्मा जैसे नए मॉडल भी पेश किए। मेडजेम्मा 1.5 मॉडल स्वास्थ्य क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली एडवांस एआई जरूरतों को पूरा करेगा जबकि फंक्शनजेम्मा हल्का मॉडल है जो मोबाइल या उपकरणों पर सुरक्षित तरीके से एआई आधारित काम करने में मदद करेगा। इस मौके पर गूगल की क्षेत्रीय प्रबंधक (भारत) प्रीति लोबाना ने कहा, "एआई अब केवल रिसर्च लैब तक सीमित नहीं है बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग तक पहुंच चुका है।" उन्होंने कहा कि भारतीय स्टार्टअप अब एआई का सिर्फ प्रयोग नहीं कर रहे बल्कि वे अब अपनी क्षमता को भरोसेमंद उत्पादों और कारोबार में भी बदल रहे हैं।
(इनपुट: भाषा)
