Is gold just a safe haven or also a wealth creator: सोना एक सुरक्षित निवेश के रूप में जाना जाता है, लेकिन क्या यह संपत्ति बढ़ाने का भी एक बेहतर विकल्प है? बीते तीन वर्षों में सोने ने 17% का शानदार रिटर्न दिया है, जबकि सेंसेक्स ने केवल 11.6% का। वर्तमान में सोने की कीमतें ₹90,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई हैं। ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें सोने में निवेश बनाए रखना चाहिए या इसे घटाने का समय आ गया है?
क्या सोना खरीदना सही रहेगा, क्या अभी और बढ़ेंगे दाम।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर में कमजोरी ने सोने की मांग बढ़ा दी है। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी बीते तीन वर्षों में केंद्रीय बैंकों ने ऐतिहासिक रूप से अधिक सोना खरीदा है। ETF निवेश में उछाल फरवरी में गोल्ड ईटीएफ में $9.4 बिलियन का इनफ्लो आया, जो मार्च 2022 के बाद सबसे अधिक है।
सोने का भविष्य क्या कहता है?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कूटनीतिक वार्ताएं सफल रहीं और मुद्रास्फीति नियंत्रण में रही, तो सोने की रैली धीमी हो सकती है। ऐतिहासिक डेटा बताता है कि जब सोने की कीमतें अपने 200-दिनों के मूविंग एवरेज से ज्यादा दूर चली जाती हैं, तो आगे कमजोरी देखने को मिलती है।
क्या सोना इक्विटी से बेहतर निवेश है?
पिछले 25 वर्षों में सोने ने 12.55% सालाना रिटर्न दिया है, जबकि सेंसेक्स ने 10.73% का रिटर्न दिया है। भारतीय बाजार में हालांकि, इक्विटी ने सोने को थोड़े अंतर से हराया है। वहीं NSE 500 के 57% शेयर पिछले 20 वर्षों में सोने से कम रिटर्न दे पाए हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
अत्यधिक निवेश न करें: विशेषज्ञों के अनुसार, 10-20% पोर्टफोलियो सोने में रखना उचित रहेगा।
इक्विटी पर भी ध्यान दें: दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण के लिए स्टॉक्स को प्राथमिकता दें।
समय-समय पर पोर्टफोलियो संतुलित करें: सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए निवेश करें।
