सोने की कीमतों को लेकर निवेशकों के लिए एक अहम चेतावनी सामने आई है। बाजार विशेषज्ञों और विश्लेषकों का मानना है कि साल 2026 तक सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। इस संभावित गिरावट का असर सिर्फ सोने पर ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े कमोडिटी बाजार और MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) के शेयर की कीमत पर भी पड़ सकता है। साल 2025 सोने में निवेश करने वालों के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक रहा है। सोना, जिसे हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है, ने इस साल ऐसा जबरदस्त रिटर्न दिया कि शेयर बाजार भी पीछे रह गया। निवेशकों को शानदार मुनाफा मिला, लेकिन अब सभी की नजर 2026 पर टिकी हुई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 2026 में भी सोना इसी तरह चमकता रहेगा या फिर एक्सपर्ट्स जिस बड़ी गिरावट की चेतावनी दे रहे हैं, वह सच साबित होगी।
2025 में सोने ने बनाया रिकॉर्ड
अगर 2025 की शुरुआत की बात करें तो 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 76,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास थी। इसके बाद सोने में लगातार तेजी देखने को मिली। अप्रैल 2025 में सोने ने पहली बार 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का आंकड़ा पार किया, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक पल था। इसके बाद भी सोने की रफ्तार नहीं थमी और साल के अंत तक यह नई ऊंचाइयों को छूता चला गया।
दिसंबर 2025 तक MCX पर सोने की कीमत करीब 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने ने इतिहास रच दिया। ग्लोबल मार्केट में सोना पहली बार 4,500 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, 1979 के बाद यह सोने की सबसे बड़ी सालाना तेजी मानी जा रही है।
क्या है एक्सपर्ट्स का कहना?
अब सवाल उठता है कि 2026 में सोने का क्या होगा। क्या निवेशकों को इसी तरह शानदार रिटर्न मिलता रहेगा या फिर अब सावधान होने का समय आ गया है? इसको लेकर अलग-अलग एक्सपर्ट्स की राय सामने आ रही है। कुछ जानकारों का मानना है कि सोने की कीमतें अब अपने ऊपरी स्तर के करीब पहुंच चुकी हैं और आगे चलकर इसमें करेक्शन यानी गिरावट देखने को मिल सकती है।
वहीं दूसरी तरफ कुछ एक्सपर्ट्स अभी भी सोने को लेकर पॉजिटिव नजर आ रहे हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का कहना है कि मौजूदा स्तर से सोने की कीमतों में करीब 30 प्रतिशत तक की और तेजी आ सकती है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो 2026 में सोना नए रिकॉर्ड बना सकता है और निवेशकों को एक बार फिर जबरदस्त रिटर्न दे सकता है।
इन चीजों के चलते बढ़ेंगी कीमतें
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों पर कई फैक्टर असर डालते हैं। इनमें महंगाई, ब्याज दरें, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, वैश्विक आर्थिक हालात और भू-राजनीतिक तनाव शामिल हैं। अगर दुनिया में अनिश्चितता बनी रहती है, महंगाई ज्यादा रहती है या फिर ब्याज दरों में कटौती होती है, तो सोने को सपोर्ट मिल सकता है। ऐसे हालात में निवेशक सोने को फिर से सुरक्षित विकल्प के तौर पर चुन सकते हैं।
हालांकि, अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, ब्याज दरें ऊंची रहती हैं और डॉलर मजबूत होता है, तो सोने पर दबाव आ सकता है। ऐसे में सोने की कीमतों में गिरावट भी देखने को मिल सकती है। यही वजह है कि एक्सपर्ट्स 2026 को लेकर निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं।
ये भी है बड़ा कराण
विश्लेषकों के अनुसार, सोने की कीमतों में यह अनुमानित गिरावट मुख्य रूप से बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से जुड़ी हुई है। दुनिया के कई बड़े देशों में ब्याज दरों को लेकर सख्ती देखी जा रही है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों से पैसा निकालकर बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले विकल्पों की ओर रुख करते हैं। इसके अलावा, महंगाई के दबाव में धीरे-धीरे कमी आने से भी सोने की मांग पर असर पड़ सकता है, क्योंकि अनिश्चित समय में सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की भूमिका कमजोर होती है।
MCX के शेयर पर पड़ेगा असर
सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर MCX पर भी पड़ता है। MCX के शेयर की कीमत हाल के महीनों में कई आर्थिक और भू-राजनीतिक कारणों से दबाव में रही है। महंगाई दर, भारतीय रुपये की स्थिति और वैश्विक कमोडिटी बाजार में हो रहे बदलाव MCX पर ट्रेडिंग वॉल्यूम को प्रभावित कर रहे हैं। जब सोना और चांदी जैसी प्रमुख धातुओं की कीमतों में अस्थिरता बढ़ती है, तो MCX के कारोबार पर भी उसका असर साफ दिखाई देता है।
इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव भी बाजार की अनिश्चितता को बढ़ा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तनाव, टैरिफ युद्ध और व्यापार नीतियों में बदलाव के कारण निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं का सीधा प्रभाव कमोडिटी कीमतों और ट्रेडिंग पैटर्न पर पड़ता है, जिससे MCX जैसे प्लेटफॉर्म पर अस्थिरता बढ़ जाती है।
