9 कैरेट गोल्ड पर अब लगेगी हॉलमार्क मुहर, सरकार ने बदली शुद्धता की पहचान

सरकार ने 9 कैरेट गोल्ड पर भी हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने यह ऐलान किया। यह फैसला जुलाई 2025 से लागू होगा और इसके बाद देशभर के सभी ज्वैलर्स और हॉलमार्किंग सेंटर्स को इस नियम का पालन करना अनिवार्य होगा। आईये जानते हैं किसको ये फैसला मानना होगा?

अब अगर आप 9 कैरेट सोने से बनी ज्वैलरी खरीदते हैं, तो आपको उसकी शुद्धता की पूरी गारंटी मिलेगी। सरकार ने 9 कैरेट गोल्ड पर भी हॉलमार्किंग को अनिवार्य कर दिया है। शुक्रवार, 18 जुलाई 2025 को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने यह ऐलान किया। यह फैसला जुलाई 2025 से लागू होगा और इसके बाद देशभर के सभी ज्वैलर्स और हॉलमार्किंग सेंटर्स को इस नियम का पालन करना अनिवार्य होगा।

Gold Hallmarking

(pic credit : istock)

क्या होता है हॉलमार्किंग?

हॉलमार्किंग का मतलब है सोने की शुद्धता को प्रमाणित करना। BIS के तहत यह सिस्टम तय करता है कि ज्वैलरी में मौजूद सोना कितने प्रतिशत शुद्ध है। अभी तक केवल 24K, 23K, 22K, 20K, 18K और 14K सोने पर ही हॉलमार्किंग अनिवार्य थी। अब इस लिस्ट में 9K यानी 375 पार्ट प्रति हजार शुद्धता वाला सोना भी जुड़ गया है।

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