Global Share Market: ग्लोबल शेयर मार्केट (13-April-2026): US-Iran के बीच शांति वार्ता नाकाम रहने के बाद क्रूड के दाम 8% से ज्यादा उछल गए हैं। क्रूड में तेजी का असर एशियाई बाजारों में बिकवाली के तौर पर दिख रहा है। सोमवार सुबह एशियाई बाजारों के साथ ही GIFT Nifty में बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जो भारतीय बाजार में भी गैप डाउन ओपनिंग के संकेत दे रही है। इसके अलावा अमेरिकी फ्यूचर इंडेक्स Dow Jones Futures में करीब 354 अंकों की गिरावट आई है, जो बताताी है कि ग्लोबल सेंटिमेंट कमजोर हुए हैं।
क्रूड के दाम में तेजी से दहले बाजार
| मार्केट | LTP | बदलाव | % बदलाव | हाई | लो | ओपन | प्रीवियस क्लोज |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| GIFT Nifty | 23,756.50 | -335.00 | -1.41% | 23,900.00 | 23,737.50 | 23,900.00 | 24,020.00 |
| Nikkei 225 | 56,414.00 | -510.11 | -0.90% | 56,765.72 | 56,287.62 | 56,330.00 | 56,924.11 |
| Straits Times | 4,976.06 | -13.35 | -0.27% | 4,977.44 | 4,969.07 | 4,977.44 | 4,989.41 |
| Hang Seng | 25,632.00 | -261.54 | -1.01% | 25,717.38 | 25,534.81 | 25,746.00 | 25,893.54 |
| Taiwan Weighted | 35,386.57 | -31.26 | -0.09% | 35,482.39 | 35,261.73 | 35,422.91 | 35,417.83 |
| KOSPI | 5,783.92 | -74.95 | -1.28% | 5,827.73 | 5,730.23 | 5,737.28 | 5,858.87 |
| Jakarta Composite | 7,437.08 | -21.42 | -0.29% | 7,442.55 | 7,356.93 | 7,346.49 | 7,458.50 |
| Shanghai Composite | 3,980.46 | -5.76 | -0.14% | 3,982.83 | 3,967.68 | 3,971.20 | 3,986.22 |
| Dow Jones Futures | 47,571.00 | -345.57 | -0.72% | 48,235.06 | 47,562.03 | 48,199.39 | 47,916.57 |
एशियाई बाजारों में दबाव, सेंटीमेंट कमजोर
सोमवार सुबह एशियाई बाजारों में व्यापक कमजोरी देखने को मिली। जापान का Nikkei, हांगकांग का Hang Seng और दक्षिण कोरिया का KOSPI सभी प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। हालांकि कुछ बाजारों की टेक्निकल स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है, लेकिन शॉर्ट टर्म में प्रॉफिट बुकिंग का दबाव साफ नजर आ रहा है। चीन का Shanghai Composite और ताइवान का बाजार अपेक्षाकृत स्थिर दिखे, लेकिन ओवरऑल सेंटिमेंट कमजोर बना हुआ है। यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और ग्लोबल अनिश्चितताओं का असर बाजार पर बना हुआ है।
GIFT Nifty से साफ संकेत, दबाव में शुरुआत संभव
GIFT Nifty में करीब 400 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है, जो यह साफ संकेत देती है कि भारतीय बाजार की शुरुआत कमजोर हो सकती है। यह गिरावट बताती है कि ओपनिंग में ही बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है और शुरुआती कारोबार में वोलैटिलिटी ज्यादा रह सकती है। निवेशकों के लिए यह संकेत महत्वपूर्ण है क्योंकि GIFT Nifty को अक्सर भारतीय बाजार के शुरुआती रुख का प्रमुख इंडिकेटर माना जाता है। ऐसे में ट्रेडर्स को आज सतर्क रहने की जरूरत होगी।
कच्चे तेल में उछाल बना सबसे बड़ा जोखिम
कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 7 से 8 प्रतिशत तक की तेज बढ़त ने चिंता बढ़ा दी है। Brent और Crude Oil दोनों में मजबूत तेजी देखने को मिली है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक संकेत है। तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर महंगाई, करेंट अकाउंट डेफिसिट और कई सेक्टर्स की लागत पर पड़ता है। खासतौर पर ऑयल मार्केटिंग कंपनियां, एविएशन और पेंट सेक्टर पर इसका दबाव बढ़ सकता है।
| सेगमेंट | नाम | LTP | बदलाव | % बदलाव | हाई | लो | ओपन | प्रीवियस क्लोज |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| कमोडिटी | Brent Crude | 102.31 | +7.11 | +7.47% | 103.40 | 101.49 | 103.28 | 95.20 |
| कमोडिटी | Crude Oil | 104.91 | +8.34 | +8.64% | 105.63 | 101.92 | 104.86 | 96.57 |
| कमोडिटी | Gold | 4,721.06 | -30.62 | -0.64% | 4,877.06 | 4,632.27 | 4,671.27 | 4,751.68 |
| करेंसी | Dollar Index | 99.01 | +0.36 | +0.37% | 99.18 | 99.00 | 98.99 | 98.65 |
डॉलर में मजबूती, उभरते बाजारों पर असर
डॉलर इंडेक्स में मजबूती भी एक अहम फैक्टर बनकर उभरी है। डॉलर के मजबूत होने से उभरते बाजारों से पूंजी का बहिर्वाह बढ़ सकता है और रुपये पर दबाव देखने को मिल सकता है। हालांकि आईटी और फार्मा सेक्टर को इससे कुछ हद तक सपोर्ट मिल सकता है, लेकिन ओवरऑल बाजार के लिए यह संकेत बहुत सकारात्मक नहीं है।
ग्लोबल संकेतों के बीच सतर्कता जरूरी
एशियाई बाजारों की कमजोरी, GIFT Nifty की गिरावट और कच्चे तेल में उछाल जैसे फैक्टर्स आज भारतीय बाजार के लिए दबाव का माहौल बना रहे हैं। हालांकि लॉन्ग टर्म ट्रेंड अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है, लेकिन शॉर्ट टर्म में बाजार डिफेंसिव नजर आ सकता है। आज का कारोबार काफी हद तक ग्लोबल संकेतों और कमोडिटी मूवमेंट पर निर्भर करेगा, ऐसे में निवेशकों के लिए सतर्क रणनीति अपनाना जरूरी होगा।
