बिहार सरकार ने राज्य के व्यवस्थित विकास के लिए पटना, सोनपुर, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर जैसे प्रमुख शहरों के पास 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप बनाने का फैसला किया है। इसके लिए हजारों एकड़ जमीन को चिन्हित किया गया है। नियम के मुताबिक, जैसे ही किसी जमीन को टाउनशिप या सरकारी प्रोजेक्ट के लिए अधिसूचित किया जाता है, वैसे ही उस जमीन की सामान्य खरीद-बिक्री और दाखिल-खारिज पर कानूनी रूप से रोक लगा दी जाती है। इस रोक की वजह से उन किसानों और गरीब परिवारों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया, जिन्हें अचानक अपनी निजी जरूरतों (जैसे बच्चों की उच्च शिक्षा, गंभीर बीमारी का इलाज या बेटी की शादी) के लिए जमीन बेचकर पैसों का इंतजाम करना था। जमीन ब्लॉक होने के कारण वे उसे बाजार में बेच भी नहीं पा रहे थे और सरकारी मुआवजा मिलने में कानूनी प्रक्रियाओं के कारण समय लगना तय था।
संकट में तुरंत मिलेगा चार गुना मुआवजा
जमीन मालिकों और किसानों की इसी व्यावहारिक समस्या को समझते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोनपुर में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इस नई और मानवीय नीति की घोषणा की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सरकार विकास की विरोधी नहीं है, लेकिन विकास की कीमत पर किसी गरीब या किसान को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। नए नियमों के मुताबिक, यदि किसी जमीन मालिक के परिवार में बेटी की शादी तय होती है या उनके ऊपर कोई प्राकृतिक या व्यक्तिगत आपदा (जैसे गंभीर बीमारी या दुर्घटना) आती है, तो वे सीधे सरकार के पास मुआवजे के लिए आवेदन कर सकते हैं। सरकार उनके आवेदन की सत्यता की जांच करेगी और जमीन का जो भी सरकारी मूल्य (MVR) होगा, उसका सीधा चार गुना (4 Times) मुआवजा तत्काल प्रभाव से सीधे पीड़ित परिवार के बैंक खाते में आरटीजीएस (RTGS) के जरिए भेज देगी।
सोनपुर और अन्य 11 टाउनशिप के रैयतों को मिलेगी बड़ी राहत
सरकार के इस संवेदनशील फैसले का सबसे बड़ा और तत्काल लाभ सारण जिले के सोनपुर क्षेत्र के लोगों को मिलने जा रहा है। सोनपुर में 'सोनपुर-दिघा नया टाउनशिप प्रोजेक्ट' के कारण बड़े पैमाने पर जमीनों को होल्ड पर रखा गया है, जिससे स्थानीय लोग काफी समय से आंदोलन और विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उपमुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद अब सोनपुर के साथ-साथ बिहार के उन सभी 11 क्षेत्रों के जमीन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी जहाँ सैटेलाइट टाउनशिप प्रस्तावित हैं। इस फैसले से जनता के मन से यह डर पूरी तरह खत्म हो जाएगा कि सरकार उनकी जमीन हड़प रही है या उन्हें संकट के समय अपनी ही संपत्ति का लाभ नहीं मिल पाएगा।
सीधे बैंक खाते में जाएगा पैसा
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि मुआवजे की राशि के लिए किसानों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही बाबुओं को रिश्वत देनी होगी। आपातकालीन स्थिति में आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह से सुगम और फास्ट-ट्रैक बनाया जा रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होते ही पैसा सीधे जमीन मालिक (रैयत) के रजिस्टर्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे न केवल सरकारी योजनाओं के प्रति जनता का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) का काम भी बिना किसी विरोध के बेहद शांतिपूर्ण और तेजी से पूरा हो सकेगा।
