केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि सरकार का लक्ष्य 2032 तक आधुनिक स्मार्टफोन और कंप्यूटर जैसे उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले 3-नैनोमीटर नोड के उच्च तकनीक वाले छोटे चिप बनाने का है। उन्होंने कहा कि डिजाइन आधारित प्रोत्साहन (डीएलआई) योजना के दूसरे चरण के तहत सरकार चिप की छह कैटेगरी कंप्यूट, रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ), नेटवर्किंग, ऊर्जा, सेंसर और मेमोरी पर ध्यान केंद्रित करेगी। इससे देश की कंपनियों को 70–75 प्रतिशत टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स के विकास पर प्रमुख नियंत्रण मिल सकेगा।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव (File Photo)
विनिर्माण के स्तर पर 3-नैनोमीटर तक पहुंचना उद्देश्य
डीएलआई योजना के तहत चयनित 24 चिप डिजाइन कंपनियों के साथ बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा, "2032 तक हमारा लक्ष्य 3-नैनोमीटर चिप के डिजाइन और विनिर्माण के स्तर तक पहुंचना है। डिजाइन का काम तो हम आज भी कर रहे हैं, लेकिन विनिर्माण के स्तर पर 3-नैनोमीटर तक पहुंचना होगा।"
सरकार छह प्रमुख प्रणालियों पर देगी ध्यान
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि सरकार छह प्रमुख प्रणालियों पर ध्यान देना चाहती है, ताकि देश के पूरे सेमीकंडक्टर डिजाइन क्षेत्र समग्र और व्यापक रूप से विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा, "कंप्यूट, आरएफ, नेटवर्किंग, ऊर्जा, सेंसर और मेमोरी इन छह प्रमुख श्रेणियों में हम शिक्षा जगत और उद्योग को नए विचार, नई सोच और नए समाधान लेकर आने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। जैसे-जैसे हम 2029 की ओर बढ़ेंगे, देश में ऐसे चिप के डिजाइन और विनिर्माण की बड़ी क्षमता विकसित हो जाएगी, जिनकी जरूरत हमारे देश में लगभग 70–75 प्रतिशत अनुप्रयोगों में होती है।" उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि हर क्षेत्र को इन छह प्रकार के चिप के किसी न किसी संयोजन की आवश्यकता होगी।
धोलेरा स्थित फैब में एएसएमएल के उपकरण होंगे इस्तेमाल
इससे पहले बीते दिनों केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नीदरलैंड के वेल्डहोवेन स्थित एएसएमएल के मुख्यालय का दौरा किया। केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने विश्व की लीडिंग लिथोग्राफिक इक्विप्मेंट प्रोवाइडर कंपनी एएसएमएल की तकनीक को समझने और जानने के लिए एएसएमएल के मुख्यालय का दौरा किया। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा था कि एएसएमएल विश्व में निर्मित लगभग हर चिप को संभव बनाती है। वहीं, धोलेरा स्थित फैब में एएसएमएल के उपकरण इस्तेमाल किए जाएंगे।
भारत की ओर इक्विपमेंट निर्माता कंपनियों का रुख
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारत में उच्च गुणवत्ता वाली डिजाइन क्षमता और विशाल टैलेंट पूल के कारण दुनिया भर की इक्विपमेंट निर्माता कंपनियां भारत में अपना बेस स्थापित कर रही हैं। केंद्रीय मंत्री ने इसका श्रेय पीएम मोदी की नीतियों को भी दिया।
एएसएमएल, सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की विश्व की अग्रणी आपूर्तिकर्ता कंपनी है। यह डच मल्टीनेशनल कंपनी इंटीग्रेटेड सर्किट के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली फोटोलिथोग्राफी मशीनों के विकास और निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी लीडिंग चिपमेकर्स को सिलिकॉन पर बड़े पैमाने पर पैटर्न का उत्पादन करने में सक्षम बनाती है, जिससे छोटे, तेज और अधिक ऊर्जा-कुशल चिप्स बनाने में मदद मिलती है।
