FPI Pull Out Money From Equity: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने इस महीने अब तक इक्विटी मार्केट से 12,000 करोड़ रुपये से अधिक निकाल लिए हैं। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में लगातार वृद्धि और इज़राइल-हमास युद्ध के नतीजे में बना अनिश्चित माहौल है।
एफपीआई ने इक्विटी से पैसा निकाला
हालाँकि एफपीआई ने डेब्ट सेगमेंट में निवेश किया है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों से पता चलता है कि उन्होंने डेब्ट मार्केट में 5,700 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
12000 करोड़ के शेयर बेचे
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस महीने शुक्रवार 20 अक्टूबर तक 12,146 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले एफपीआई सितंबर में भी शुद्ध विक्रेता बने रहे। तब उन्होंने पूरे महीने में 14,767 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।
1.74 लाख करोड़ के शेयर खरीदे
इस आउटफ्लो से पहले एफपीआई ने पिछले छह महीनों में जमकर खरीदारी भी की है। उन्होंने मार्च से अगस्त तक लगातार खरीदारी करते हुए इक्विटी मार्केट में 1.74 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
इसके साथ ही इस साल अब तक इक्विटी में एफपीआई का कुल निवेश 1.08 लाख करोड़ रुपये और डेब्ट बाजार में 35,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है।
इन सेक्टरों पर एफपीआई का फोकस
सेक्टरों के लिहाज से देखें तो एफपीआई ने फाइनेंशियल, बिजली, एफएमसीजी और आईटी जैसे सेक्टरों में बिकवाली की है। वहीं ऑटोमोबाइल और कैपिटल गुड्स में खरीदारी कम रही। हालाँकि ये टेलीकॉम में अच्छे खरीदार रहे।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर बाजार की स्थिति की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
