पाकिस्तान की गरीब जनता आमसान छूती महंगाई और गरीबी से त्रस्त है। वहीं, दूसरी ओर पाकिस्तान में काम करने वाली विदेशी कंपनियां जमकर कमाई कर रही है और अपने देश मोटा रकम भेज रही है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान में संचालन करने वाली विदेशी कंपनियों ने अप्रैल 2026 के दौरान अपने-अपने मुख्यालयों को 17.2 करोड़ अमेरिकी डॉलर का मुनाफा वापस भेजा। यह पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 42 प्रतिशत अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 10 महीनों में वापस भेजा गया कुल मुनाफा थोड़ा बढ़कर दो अरब अमेरिकी डॉलर के पार पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की समान अवधि की तुलना में 8.7 प्रतिशत अधिक है। पाकिस्तान का वित्त वर्ष एक जुलाई से 30 जून तक होता है।
पाकिस्तान गरीबी
इन कंपनियों ने की मोटी कमाई
स्टेट बैंक ने अपनी डेटा रिपोर्ट में बताया कि फंड की वापसी में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से वित्तीय व्यापार क्षेत्र की वजह से हुई, जिससे 72 मिलियन अमेरिकी डॉलर का आउटफ्लो हुआ। डेटा के मुताबिक, इसके बाद खाद्य क्षेत्र का नंबर आया, जिससे 30 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वापसी हुई, जबकि तंबाकू और सिगरेट बनाने वाली कंपनियों ने 26 मिलियन अमेरिकी डॉलर वापस भेजे।
सेंट्रल बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान का बाहरी कर्ज़ 3.6 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में PKR 22,959 अरब तक पहुंच गया है। स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान (SBP) के ताजा आंकड़े जारी किए, जिनसे पता चला कि पाकिस्तान का कुल कर्ज़ 80 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये (PKR) से ज़्यादा हो गया है। सेंट्रल बैंक ने बताया कि मार्च में केंद्र सरकार का कुल कर्ज़ PKR 80,524 अरब तक पहुँच गया, जो पिछले साल इसी समय की तुलना में 9.3 प्रतिशत ज़्यादा है; उस समय यह कर्ज़ PKR 73,688 अरब था।
यूनाइटेड किंगडम गया सबसे अधिक पैसा
बैंक ने बताया कि विदेशी कंपनियों के फंड का सबसे बड़ा प्रवाह यूनाइटेड किंगडम की ओर हुआ, जो 81 मिलियन अमेरिकी डॉलर था। सेंट्रल बैंक के डेटा में यह भी बताया गया कि विदेशी कंपनियों द्वारा फंड की वापसी में यह लगातार बढ़ोतरी, मुद्रा में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं जैसी मौजूदा आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, विदेशी निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाती है।
