Flipkart Founder Binny Bansal Sells Entire Stake From The Company:भारत में ई-कॉमर्स क्रांति की पहचान बनी Flipkart से उसके फाउंडर या यू कहें कंपनी के जन्मदाता आउट हो गए हैं। साल 2007 में आईआईटी के दो छात्रों सचिन बंसल और बिन्नी बंसल द्वारा शुरू की गई कंपनी से उनका नाता पूरी तरह खत्म हो गया है। असल में कंपनी के को-फाउंडर बिन्नी बंसल (Binny Bansal) ने अपनी बची हिस्सेदारी बेच दी है। इसके पहले 2018 में बिन्नी के साथी और दूसरे फाउंडर सचिन ने अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी। बिन्नी के फ्लिपकार्ट से निकलने के बाद अब भारतीयों द्वारा शुरू की गई कंपनी से सारे देसी फाउंडर आउट हो गए हैं।
अमेरिकी निवेशक मालिक
सिंगापुर में रेलुगेटरी फाइलिंग के अनुसार, नए बदलावों के बाद फ्लिपकार्ट (Flipkart) में अमेरिकी रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट (Walmart) की करीब 80 फीसदी तक हिस्सेदारी तक हो जाएगी। Tracxn के ताजा आंकड़ों से पता चला कि वॉलमार्ट की अब फ्लिपकार्ट में 80.5 फीसदी हिस्सेदारी है। वॉलमार्ट ने साल 2018 में करीब 16 अरब डॉलर (आज के रेट पर 1.31 लाख करोड़ रु) के निवेश से फ्लिपकार्ट की 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली थी। उस वक्त सचिन बंसल और बिन्नी बंसल की कंपनी में करीब 15 फीसदी हिस्सेदारी थी। और अमेरिकी इंवेस्टमेंट फर्म टाइगर ग्लोबल 26 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी निवेशक थी। लेकिन 2018 के बाद से अब वॉलमार्ट के पास मालिकाना हक है।
भारत में भिड़ेंगे दो अमेरिकी अरबपति
वॉलमार्ट दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी है। और उसका मालिकाना हक दुनिया के सबसे रईस बिजनेस परिवार वॉल्टन खानदान के पास है। जिनके पास 247 अरब डॉलर की दौलत है। भारतीय बाजार में वॉलमार्ट का बढ़ता दखल उस रणनीति का हिस्सा है जो उसने 2018 में फ्लिपकार्ट में 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के साथ शुरू किया था। असल में वॉलमार्ट फ्लिपकार्ट के जरिए भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में अपनी दबदबा बनाना चाहती है। जहां उसकी टक्कर दुनिया के तीसरे सबसे रईस अमेरिकी अरबपति जेफ बेजोस से होगी। जेफ बेजोस अमेजन के फाउंडर हैं। और अब भारत के ई-कॉमर्स बाजार में अमेजन और फ्लिपकार्ट ही सबसे बड़े दिग्गज बचे हैं। जिन्हें फिलहाल टक्कर देने वाला कोई नहीं है। और ये दोनों ही आपस में टक्कर लेते हुए नजर आएंगे।
अब मुकेश अंबानी से उम्मीद
अमेजन और फ्लिपकार्ट की इस समय भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में 60 फीसदी हिस्सेदारी है। और जिस तरह इन दोनों कंपनियों के पास पैसा है, ऐसे में भारत में उन्हें केवल मुकेश अंबानी ही टक्कर देते दिखाई दे रहे हैं। अंबानी Ajio के जरिए ई-कॉमर्स बाजार में उतर चुके हैं। और वह बहुत तेजी से टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी पैठ बढ़ा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2022 में 72 अरब डॉलर का ई-कॉमर्स 2025 तक 133 अरब डॉलर का हो जाएगा। और उसमें टियर-2 और टियर-3 शहरों की अहम भूमिका होगी। ऐसे में मुकेश अंबानी देसी परचम लहरा सकते हैं। हालांकि ये लड़ाई बेहद दिलचस्प होने वाली है।
