फिक्स्ड डिपॉजिट या पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट, 3 साल के निवेश पर कहां मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न?

सुरक्षित निवेश के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और पोस्ट ऑफिस की स्कीम्स हमेशा से पहली पसंद रही हैं। 3 साल के निवेश के लिए ग्राहक अक्सर इस उलझन में रहते हैं कि उन्हें बैंक पर भरोसा करना चाहिए या डाकघर की सरकारी सुरक्षा पर।

जब बात सुरक्षित निवेश की आती है, तो भारतीय निवेशकों के मन में सबसे पहले दो ही नाम आते हैं बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (POTD)। मध्यम अवधि, जैसे कि 3 साल के लिए पैसा जमा करने वालों के लिए यह तय करना मुश्किल होता है कि उन्हें अपना पैसा कहां लगाना चाहिए। दोनों ही विकल्पों में निवेश पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन रिटर्न और सुविधाओं के मामले में दोनों के अपने-अपने फायदे हैं। हाल के समय में ब्याज दरों में हुए बदलावों के बाद यह तुलना और भी दिलचस्प हो गई है।

FD  Vs POTIME

पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट

पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट स्कीम उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो बिना किसी जोखिम के गारंटीड रिटर्न चाहते हैं। 3 साल की अवधि के लिए पोस्ट ऑफिस में आमतौर पर 1 साल या 2 साल के स्लैब के आधार पर ब्याज मिलता है। पोस्ट ऑफिस केंद्र सरकार के अधीन आता है, इसलिए यहां पैसा डूबने का कोई खतरा नहीं होता। इसकी ब्याज दरें हर तिमाही (Quarterly) सरकार द्वारा तय की जाती हैं। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में आज भी यह निवेश का सबसे भरोसेमंद जरिया माना जाता है, जहां बैंक की पहुंच कम है।

End of Feed