FD कराने के बाद भूलकर भी न करें ये गलतियां, नहीं तो झेलना पड़ेगा भारी नुकसान

फिक्स्ड डिपॉजिट को लोग अक्सर हल्के में लेकर गलतियां कर बैठते हैं। अगर आप भी अपनी मेहनत की कमाई को FD में लगाने जा रहे हैं, तो दो ऐसी मुख्य बातें हैं जिनका ध्यान रखना आपके लिए बेहद जरूरी है, वरना आपको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भारतीय परिवारों में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को आज भी निवेश का सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद जरिया माना जाता है। शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर, इसमें आपका पैसा सुरक्षित रहता है और एक तय समय के बाद आपको गारंटीड रिटर्न मिलता है। लेकिन, अक्सर लोग उत्साह में या जानकारी के अभाव में FD कराते समय कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो उनके मुनाफे को कम कर देती हैं। अगर आप भी अपनी मेहनत की कमाई को FD में लगाने जा रहे हैं, तो दो ऐसी मुख्य बातें हैं जिनका ध्यान रखना आपके लिए बेहद जरूरी है, वरना आपको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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समय से पहले न निकालें पैसा

FD में निवेश करते समय सबसे महत्वपूर्ण होता है उसका 'टेन्योर' यानी समय अवधि। कई बार लोग इमरजेंसी या किसी अचानक जरूरत के लिए अपनी FD को मैच्योरिटी से पहले ही तुड़वा लेते हैं। यह सुनने में आसान लग सकता है, लेकिन इसके पीछे भारी नुकसान छिपा होता है। जब आप समय से पहले पैसा निकालते हैं, तो बैंक आपसे पेनल्टी (जुर्माना) वसूलता है। यह पेनल्टी आमतौर पर आपके मिलने वाले ब्याज में से 0.5% से 1% तक काट ली जाती है। इसका मतलब है कि आपको वह ब्याज नहीं मिलेगा जिसका वादा निवेश के समय किया गया था। इससे बेहतर यह है कि आप अपनी पूरी जमा राशि की एक बड़ी FD बनाने के बजाय, उसे छोटे-छोटे हिस्सों में अलग-अलग FD के रूप में निवेश करें, ताकि जरूरत पड़ने पर आप सिर्फ एक हिस्सा ही निकालें और बाकी पर ब्याज मिलता रहे।

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