Fight Among Nike, New Balance, Skechers shoe manufacturing companies: जूते बनाने वाली कंपनी (footwear makers) कंपनी के बीच घमासान शुरू हो गया है। नाइकी (Nike) ने अपने कंपटीटर न्यू बैलेंस (New Balance) और स्केचर्स (Skechers) पर मुकदमा दायर कर दिया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के खिलाफ नाइकी ने सोमवार, 7 नवंबर को मुकदमा दायर किया है। दोनों कंपनियों पर नाइकी ने आरोप लगाया है कि वह जूतों के ऊपरी हिस्से बनाने के लिए उसके जूते बनाने वाले तरीके को कॉपी किया है। जिसके चलते उन पर पेटेंट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। जहां न्यू बैलेंस के खिलाफ नाइकी की शिकायत मैसाचुसेट्स संघीय अदालत में दायर की गई है, वहीं स्केचर्स पर लॉस एंजिल्स, कैलिफोर्निया में मुकदमा दायर किया है।
आरोप है कि न्यू बैलेंस एथलेटिक जूते और स्केचर्स स्नीकर्स नाइके की पेटेंटेड फ्लाईनिट तकनीक का दुरुपयोग करते हैं।
क्या है मामला?
मुकदमों में दावा किया गया है कि कई न्यू बैलेंस एथलेटिक जूते और स्केचर्स स्नीकर्स नाइके की पेटेंटेड फ्लाईनिट तकनीक का दुरुपयोग करते हैं। मुकदमों में, नाइकी ने कहा कि पेटेंट की गई फ्लाईनिट तकनीक उसे कम वस्तुओं और कचरे के साथ हाई परफॉर्मेंस वाले ऊपरी हिस्से बनाने में मदद मिलती है। शिकायत में दावा किया गया है कि न्यू बैलेंस के फ्रेश फोम, फ्यूलसेल और अन्य लाइनों के जूते नाइकी के पेटेंट अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। मुकदमे के अनुसार, स्केचर्स के जूते जो पेटेंट का उल्लंघन करते हैं, वे अल्ट्रा फ्लेक्स और ग्लाइड स्टेप ब्रांड हैं।
क्या है फ्लाईनिट तकनीक?
बेवर्टन, ओरेगॉन स्थित नाइकी की फ्लाईनिट तकनीक का उपयोग दौड़ने, फुटबॉल और बास्केटबॉल खेलने वाले खिलाड़ियों के जूते के लिए किया जाता है। नाइके की वेबसाइट के अनुसार, फ्लाईनिट तकनीक ज्यादा सपोर्ट, ज्यादा स्ट्रेचबल और हवादार के साथ हल्के ऊपरी भाग बनाने के लिए हाई पावर वाले फाइबर का उपयोग करती है।" यह पहली बार नहीं है कि नाइकी फ्लाईनिट तकनीक को लेकर किसी प्रतिद्वंद्वी कंपनी पर मुकदमा कर रही है। कंपनी ने पहले फ्लाईनिट पेटेंट का उल्लंघन करने के लिए एडिडास, प्यूमा और लुलुलेमन पर मुकदमा दायर किया है। एडिडास और प्यूमा ने अपने मुकदमे सुलझा लिए हैं, जबकि नाइके का लुलुलेमोन के खिलाफ मामला अभी भी चल रहा है।
