FD में सबसे बड़ी गलती: लोग ब्याज दर देखते हैं, लेकिन यह नहीं देखते

Fixed Deposit: एफडी में निवेश करते समय लोग सिर्फ ज्यादा ब्याज दर देखते हैं, जबकि बैंक की विश्वसनीयता, टैक्स, अवधि और प्रीमैच्योर निकासी नियमों को नजरअंदाज करना बड़ी वित्तीय गलती हो सकती है।

Fixed Deposit : जब भी लोग फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा लगाने का फैसला करते हैं, तो सबसे पहले और अक्सर सिर्फ एक ही चीज देखते हैं, ब्याज दर (FD Interest Rate)। जिस बैंक या वित्तीय संस्था की ब्याज दर ज्यादा दिखाई देती है, वहां निवेश करने का मन बन जाता है। लेकिन वित्तीय एक्सपर्ट्स का कहना है कि FD चुनते समय केवल ब्याज दर पर ध्यान देना एक बड़ी गलती हो सकती है। दरअसल, निवेश का फैसला करते समय कई दूसरे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी समझना जरूरी है। सिर्फ ऊंचे रिटर्न के लालच में लिया गया फैसला बाद में परेशानी का सबब बन सकता है।

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FD निवेशकों की एक आम भूल

सिर्फ ज्यादा ब्याज दर ही सब कुछ नहीं

मान लीजिए दो बैंक FD पर अलग-अलग ब्याज दर दे रहे हैं। एक बैंक 7 प्रतिशत और दूसरा 7.5 प्रतिशत का रिटर्न दे रहा है। अधिकांश लोग बिना ज्यादा सोच-विचार के 7.5 प्रतिशत वाली FD चुन लेते हैं। हालांकि यह देखना भी जरूरी है कि बैंक कितना भरोसेमंद है, उसकी वित्तीय स्थिति कैसी है और आपकी जमा राशि कितनी सुरक्षित रहेगी। कई बार थोड़े ज्यादा ब्याज के लिए लोग ऐसे संस्थानों में निवेश कर देते हैं जहां जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है।

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