पिछले दो वर्षों में शेयर बाजार (Stock Market) ने निवेशकों को निराश किया है। सीधे स्टॉक्स में पैसा लगाने वाले हों या SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले, अधिकांश निवेशकों को इस दौरान या तो मामूली या फिर निगेटिव रिटर्न मिला है। बाजार की इस उठापटक के बीच अब निवेशकों के मन में यह बड़ा सवाल तैर रहा है कि आखिर सुरक्षित और बेहतर मुनाफे के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), गोल्ड (Gold), स्टॉक या रियल एस्टेट में से कौन सा विकल्प सबसे सही है?
बेस्ट निवेश विकल्प
बाजार के जानकारों का स्पष्ट मानना है कि हर व्यक्ति के फाइनेंशियल लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की समय-सीमा अलग-अलग होती है, और निवेश का फैसला हमेशा इन्हीं पैमानों पर होना चाहिए। हालांकि, अगर कोई निवेशक शेयर बाजार के रोज-रोज के उतार-चढ़ाव और मानसिक तनाव से पूरी तरह बचना चाहता है, और उसका लक्ष्य लंबी अवधि (Long Term) का है, तो उसके लिए प्रॉपर्टी यानी रियल एस्टेट आज भी सबसे भरोसेमंद और बेस्ट विकल्प साबित हो सकता है।
लॉन्ग टर्म निवेश के लिहाज से प्रॉपर्टी कैसे एक 'पैसा वसूल' और सुरक्षित माध्यम बन सकती है, इसे बारीकी से समझने के लिए हमने देश के दिग्गज रियल एस्टेट एक्सपर्ट और अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी (CMD) राकेश यादव से खास बातचीत की। आइए जानते हैं कि उनके अनुसार प्रॉपर्टी में निवेश के क्या बड़े फायदे हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
प्रॉपर्टी में निवेश के 5 फायदे जो और कहीं नहीं
1. कम्पाउंडिंग और कैपिटल एप्रिसिएशन
शॉर्ट टर्म में भले ही शेयर बाजार आगे दिखे, लेकिन 10 से 20 साल के टाइमफ्रेम में रियल एस्टेट ने हमेशा निवेशकों को चौंकाया है। जमीन की सीमित उपलब्धता के कारण प्रॉपर्टी की कीमत तेजी से बढ़ रही है। मांग और आपूर्ति का यह असंतुलन प्रॉपर्टी की कीमतों को लंबी अवधि में तेजी से बढ़ाता है।
2. 'पैसिव इनकम' का मजबूत जरिया
सोना लॉकर में पड़ा रहता है और स्टॉक तब तक जेब में पैसा नहीं डालते जब तक आप उन्हें बेचें नहीं (डिविडेंड को छोड़कर)। लेकिन प्रॉपर्टी एक ऐसा एसेट है जो आपको दोतरफा मुनाफा देता है। फ्लैट, कमर्शियल शॉप या प्लॉट (लीज पर) आपको हर महीने रेंटल इनकम (Rent) के रूप में एक बंधी-बंधाई रकम देते हैं। हर साल किराए में 5% से 10% की बढ़ोतरी होती है, जिससे आपकी पैसिव इनकम महंगाई को आसानी से मात दे देती है।
3. कम पैसे में बड़ी प्रॉपर्टी
रियल एस्टेट इकलौता ऐसा मार्केट है जहां आप दूसरों के पैसे से अमीर बन सकते हैं। अगर आपको ₹50 लाख के शेयर या सोना खरीदना है, तो आपको पूरे ₹50 लाख नकद देने होंगे। कोई भी बैंक आपको इसके लिए आसानी से लोन नहीं देगा। लेकिन प्रॉपर्टी के मामले में आप सिर्फ 10% से 20% (डाउन पेमेंट) देकर ₹50 लाख की प्रॉपर्टी के मालिक बन सकते हैं। बाकी का 80% पैसा बैंक लगाता है, जिसे आप आसान ईएमआई (EMI) और रेंटल इनकम के जरिए चुका सकते हैं।
4. शेयर बाजार जैसी 'अस्थिरता' नहीं
शेयर बाजार में रातों-रात 10% की गिरावट आना आम बात है, जो कई बार निवेशकों को मानसिक तनाव देती है। प्रॉपर्टी एक ठोस संपत्ति है। रियल एस्टेट मार्केट कभी भी एक दिन में क्रैश नहीं होता।
5. टैक्स छूट और जेनरेशनल वेल्थ
टैक्स बेनिफिट्स: होम लोन के ब्याज (Section 24) और प्रिंसिपल अमाउंट (Section 80C) पर मिलने वाली टैक्स छूट आपके निवेश की लागत को काफी कम कर देती है। इसके अलावा, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) को री-इन्वेस्ट करके आप टैक्स बचा सकते हैं। प्रॉपर्टी एक ऐसी संपत्ति है जिसे आप अपनी आने वाली पीढ़ियों को ट्रांसफर कर सकते हैं, जिसकी वैल्यू समय के साथ सिर्फ बढ़ेगी ही।
