बाजार में धड़ल्ले से बिक रही है नकली चांदी, जानें डिजिटल या फिजिकल कौन सा सिल्वर रहेगा बेस्ट

बाजार में नकली चांदी के सिक्कों और मिलावटी गहनों के बढ़ते मामलों ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। ऐसे में अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए क्या आपको फिजिकल चांदी या 'डिजिटल सिल्वर' किसे चुनना चाहिए?

भारत में चांदी (silver) को केवल एक धातु नहीं, बल्कि शुभता और निवेश का प्रतीक माना जाता है। लेकिन हाल ही में नकली चांदी के सिक्के मिलने की खबर ने सबको चौंका दिया है। बाजार में इस समय नकली चांदी (Fake Silver) के सिक्के और आभूषणों की बाढ़ आई हुई है, जिसे आम आदमी की आंखों से पहचानना लगभग नामुमकिन है। जालसाज तांबे, निकल या जस्ते पर चांदी की महीन परत चढ़ाकर उसे असली बताकर बेच रहे हैं। ऐसे में निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए फिजिकल चांदी (सिक्के/जेवर) खरीदें या डिजिटल माध्यम का चुनाव करें?

Silver

फिजिकल चांदी

सिक्के या ईंट के रूप में चांदी खरीदना हमेशा से भारतीयों की पहली पसंद रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपके हाथ में होती है और जरूरत पड़ने पर आप इसे तुरंत किसी भी सुनार को बेच सकते हैं। लेकिन, फिजिकल चांदी के साथ जोखिम भी बड़े हैं। सबसे बड़ी समस्या 'शुद्धता' की है। आम तौर पर लोग छोटे शहरों या स्थानीय दुकानों से चांदी खरीदते हैं, जहाँ शुद्धता की गारंटी कम होती है। इसके अलावा, फिजिकल चांदी को सुरक्षित रखने के लिए बैंक लॉकर का खर्च और चोरी होने का डर हमेशा बना रहता है। जब आप इसे बेचने जाते हैं, तो सुनार अक्सर मेकिंग चार्ज और अशुद्धता के नाम पर भारी कटौती कर लेते हैं, जिससे आपका वास्तविक मुनाफा कम हो जाता है।

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