भारतीय इकोनॉमी के लिए अच्छी खबर है। देश का वस्तु निर्यात अगस्त में 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर हो गया, जबकि व्यापार घाटा घटकर 26.86 अरब डॉलर रह गया। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
निर्यात
देश का आयात अगस्त में करीब 14.1 प्रतिशत बढ़कर 70.76 अरब डॉलर रहा था। इस बीच, भारत का सोने का आयात अगस्त में सालाना आधार पर 57.7 प्रतिशत घटकर 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया, जो अगस्त, 2025 में 5.4 अरब डॉलर था। जानकारों का कहना है कि सोने के आयात में बड़ी गिरावट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से हुआ है।
इन सेक्टर में बढ़ा निर्यात
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम उत्पाद, रसायन और कपड़ा जैसे विभिन्न क्षेत्रों के मिले-जुले प्रदर्शन से निर्यात में सकारात्मक रुख कायम है। अग्रवाल ने कहा कि भारत के निर्यात की मांग अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिक्स देशों और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं से प्रमुख रूप से बनी रही।
चालू वित्त वर्ष के पहले पांच माह (अप्रैल-अगस्त) के दौरान निर्यात 17.85 प्रतिशत बढ़कर 215.91 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि आयात 18.21 प्रतिशत बढ़कर 363 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
भारतीय निर्यातों के लिए मार्केट का विस्तार
हालिया व्यापारिक आंकड़ों की एक प्रमुख विशेषता विभिन्न बाजारों में भारत के निर्यात में आई व्यापक बढ़त है। चीन, सिंगापुर, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, तंजानिया, हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन और श्रीलंका सहित कई देशों को होने वाले निर्यात में तेजी आई है, जो भारत की निर्यात टोकरी (बास्केट) में बड़े विविधीकरण का संकेत देती है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में ब्रिक्स (BRICS) देशों को होने वाला निर्यात 13.3% बढ़ा है, जबकि इस अवधि के दौरान चीन को निर्यात में 38.71% का उछाल दर्ज किया गया। वहीं अमेरिका को निर्यात 6.17% और यूरोपीय संघ (EU) को निर्यात 3.84% बढ़ा।
मंत्रालय के अनुसार, 168 मुख्य वस्तुओं में से 68 श्रेणियों में मूल्य और मात्रा (वॉल्यूम) दोनों के आधार पर वृद्धि दर्ज की गई है, जो यह दर्शाती है कि यह सुधार सीमित क्षेत्रों तक सीमित न होकर व्यापक रहा है। रुपये के संदर्भ में भी भारत का मर्चेंडाइज निर्यात मजबूती से बढ़ा है। अप्रैल और अगस्त 2026 के बीच इसमें 30.21% की बढ़त दर्ज की गई।
