Ethanol Blending: सरकारी आंकड़ों में बड़ा खुलासा, पेट्रोल से महंगा पड़ रहा इथेनॉल, आखिर क्यों?

सरकार इथेनॉल खरीद के पक्ष में कई तर्क देती है लेकिन आपको जानकार शायद आश्चर्य होगा कि पेट्रोल के मुकाबले देश में बना इथेनॉल महंगा है

पेट्रोल में इथेनॉल को मिलाने को लेकर देशभर में बबाल मचा हुआ है। गाड़ी मालिकों का आरोप है कि इथेनॉल मिलाने से उनकी गाड़ी खराब हो रही है और माइलेज घट रहा है। वहीं, सरकार का इथेनॉल बेल्डिंग को विदेशी मुद्रा बचाने और आत्मनिर्भर बनने का तर्क है। इस बीच एक चौंकाने वाला आंकड़ा आया है। सोमवार को संसद में पेश किए गए सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि तेल मार्केटिंग कंपनियां अब इथेनॉल खरीदने के लिए पेट्रोल से ज्यादा कीमत का भुगतान कर रही हैं।

E20 Blending

इथेनॉल ब्लेंडिंग

पेट्रोलियम सेक्टर के जानकारों का कहना है कि पेट्रोल और इथेनॉल की कीमत आंकने का सही पैमाना कच्चा तेल नहीं, बल्कि रिफाइनरी-गेट पेट्रोल है। खरीद के आधार पर OMCs (ऑयल मार्केटिंग कंपनियां) इथेनॉल के लिए जो तय कीमत (फीडस्टॉक के आधार पर लगभग ₹65 से ₹72 प्रति लीटर) चुकाती हैं। वहीं, पेट्रोल की टैक्स-से-पहले की रिफाइनरी-गेट लागत (जो लगभग ₹53 प्रति लीटर है) से ज्यादा है।

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