ET NOW Leadership Dialogues 2024: भारत के प्रमुख अंग्रेजी बिजनेस न्यूज चैनल ET NOW ने 18 जून, मंगलवार को मुंबई में ET NOW लीडरशिप डायलॉग्स 2024 की मेजबानी की। चैनल की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां, पॉलिसी निर्माताओं और आर्थिक विशेषज्ञों ने भारत की प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक नीति, वित्तीय रेगुलेशन और रणनीतिक पहलुओं पर अपने विचार रखे।
‘भारत@2030’ थीम पर आधारित ET NOW लीडरशिप डायलॉग्स 2024 में भारत की 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर परिवर्तनकारी यात्रा की दिशा में विजनरी रणनीति को ध्यान में रखते विचार-विमर्श किया गया। इसमें भारतीय रिटेल निवेश में तेजी से इजाफा, मुनाफे में उछाल और उच्च-विकास के अवसरों की पहचान पर महत्वपूर्ण चर्चा शामिल थी। साथ ही विकसित भारत के लिए एडवांस फंडिंग तंत्र और भारत के शेयर बाजार की फ्लेक्सिबिलिटी को मजबूत करने पर भी दिग्गजों ने अपने आइडियाज लोगों के सामने रखे। प्रतिष्ठित निवेशकों और दिगग्ज नीति निर्माताओं के साथ गहन और व्यावहारिक चर्चाओं में सहयोग और सुझाव के सत्र शामिल थे। इनमें देश के लिए विजन, निवेश रणनीति, टेक्वोलॉजी में इनोवेशन और भारत के वित्तीय बाजारों आदि पर महत्वपूर्ण बातचीत के अंश भी शामिल थे।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मुख्य भाषण दिया। इसके बाद India@2030 के लिए प्रमुख रणनीतियों पर एक फायरसाइड बातचीत हुई।
शानदार सफर का जश्न
स्वागत संबोधन में टाइम्स ग्रुप के कार्यकारी निदेशक और समूह सीईओ (नॉन पब्लिशिंग) एन सुब्रमण्यन ने कहा कि जैसा कि हम ET NOW के 15 वर्षों के शानदार सफर का जश्न मना रहे हैं, हम अखंडता, इनोवेशन और इंटेलिजेंस के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता से ऐतिहासिक सफर पर विचार करते हैं। पिछले डेढ़ दशक में ET NOW भारत की विकास कहानी को आगे बढ़ाने, वित्तीय समावेशन और सूचित निर्णयों के साथ लाखों लोगों को सशक्त बनाने और उन्हें भारत के साथ आगे बढ़ने में मदद करने में सबसे आगे रहा है।
विजनरी नेतृत्व और अभूतपूर्व सुधारों के जरिए हम भारत को विकास और अवसर के युग में ले जाने के लिए तैयार हैं। मुझे विश्वास है कि, ET NOW लीडरशिप डायलॉग्स में लीडिंग इंडस्ट्री की आवाजों, नीति निर्माताओं और आर्थिक विशेषज्ञों के साथ आज की चर्चा इस दशक के अंत तक भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए एक स्पष्ट मार्ग तैयार करेगी।
शक्तिकांत दास, गर्वनर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया
मुख्य भाषण देते हुए और फायरसाइड चैट में भाग लेते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि वर्ष 2024 के जोखिम प्रबंधक के रूप में हमारी हालिया प्रशंसा से लेकर 2024-25 के लिए 7.2 फीसदी की मजबूत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाने तक, भारत का आर्थिक लैंडस्केप आशावाद और गति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण मांग फिर से उभर रही है, जिसे अनुकूल मानसून के पूर्वानुमानों से बल मिला है। जबकि हमारा एक्सटर्नल सेक्टर भी मजबूत बना हुआ है। यह मजबूत सर्विस एक्सपोर्ट को सपोर्ट कर रहा है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि इन सफलताओं के बीच, हम लगातार चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। विशेष रूप से वैश्विक अनिश्चितताओं और सप्लाई के दबावों के बीच मुद्रास्फीति को कम करने में चुनौतियां बनी हुई हैं। हमारी रणनीति मजबूत बनी हुई है। विकास और मुद्रास्फीति के बीच एक नाजुक संतुलन बनाकर कीमतों में धीमी लेकिन स्थिर गिरावट के जरिए आगे बढ़ना जारी है।
उन्होंने कहा कि हम विवेकपूर्ण नीतियों और सतर्क रुख के साथ वित्तीय स्थिरता को मजबूत कर रहे हैं। हमारा विदेशी मुद्रा भंडार 655.8 बिलियन डॉलर तक बढ़ गया है, जो हमारे लचीलेपन और वैश्विक आत्मविश्वास का प्रमाण है। इनोवेशन को नियामक ढांचे के भीतर ही आगे बढ़ना चाहिए। जैसे-जैसे हम भविष्य के लिए तैयार अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं, आरबीआई विकास को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है, तथा यह सुनिश्चित करता है कि सभी सेक्टर हमारे नियामक नेतृत्व के तहत जिम्मेदारी से आगे बढ़ें।
चेयरमैन दिनेश खारा, चेयरमैन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन दिनेश खारा ने कहा कि हम अगले तीन वर्षों में 15-17 फीसदी की औसत वृद्धि की उम्मीद करते हैं। इसे स्थिर व्यापक आर्थिक माहौल और डिलिजेंट क्रेडिट ओवरसाइट का समर्थन प्राप्त है। लिक्विडिटी की कमी का सामना करने और निवेश के उभरते रुझानों के अनुकूल होने के बावजूद, हमारी प्राथमिकता बाजार की गतिशीलता के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना है। एसेट पर 1.10 फीसदी रिटर्न (ROA) हासिल करने पर हमारा रणनीतिक जोर तत्काल इक्विटी के कमजोर पड़ने से बचते हुए, स्थायी विस्तार के प्रति हमारे समर्पण का उदाहरण है। एक मजबूत कैपिटल आधार के साथ, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भारत के आर्थिक पुनरोद्धार को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक रूप से तैयार है।
आशीष कुमार चौहान, MD और CEO- नेशनल स्टॉक एक्सचेंज
फायरसाइड चैट के दौरान, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के MD और CEO आशीष कुमार चौहान ने कहा कि पिछले 30 वर्षों में, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के नेतृत्व में भारतीय शेयर बाजार 1994 में मामूली 4 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन से बढ़कर आज 430 लाख करोड़ रुपये के आश्चर्यजनक स्तर पर पहुंच गया है। इससे भारत एक पूंजी-समृद्ध राष्ट्र बन गया है, जिसके 20 फीसदी परिवार इक्विटी मार्केट में पार्टिसिपेट कर रहे हैं।
भारतीय एंटरप्रेन्योर में यह व्यापक विश्वास पारंपरिक आर्थिक सिद्धांतों को चुनौती देता है। पूंजी के हिसाब से चौथे सबसे बड़े बाजार के रूप में भारत की वृद्धि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के जरिए इसके आर्थिक आत्मविश्वास का प्रमाण है। भारत न केवल एक निवेश डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है, बल्कि एक ग्लोबल एसेट क्लास के रूप में भी उभर रहा है। यह इंटरनेशनल इंटरेस्ट को आकर्षित कर रहा है। NSE एक लाभदायक यूनिट और नियामक अखंडता के संरक्षक के रूप में खड़ा है, जो यह सुनिश्चित करता है कि भारत की संपत्ति निर्माण यात्रा लचीली और समावेशी बनी रहे।
ET NOW
भारत का अग्रणी अंग्रेजी बिजनेस न्यूजचैनल ET NOW, टाइम्स नेटवर्क का एक हिस्सा है, जो भारत के सबसे बड़े मीडिया समूह, द टाइम्स ग्रुप का ब्रॉडकास्ट डिविजन है। ब्रांड की नीति, ‘राइज विद इंडिया’ के साथ, ET NOW भारत के विकास के लिए समर्पित है और इसका उद्देश्य समझदार भारतीयों को देश की विकास कहानी में भाग लेने और समझदार भारतीयों को सशक्त बनाना है। यह चैनल बाजारों और वित्त से परे विकास, अर्थव्यवस्था, सरकार और नीतिगत मुद्दों पर केंद्रित अपने कंटेंट के कारण खुद को अन्य बिजनेस चैनलों से अलग करता है। ET NOW दुनिया भर के 16 देशों में दर्शकों से जुड़ता है।
