Medicine Price Hike: देश के लोगों को महंगाई का एक और झटका लगने वाला है। 1 अप्रैल से जरूरी दवाओं की कीमतें बढ़ने वाली है। इन दवाओं में दर्द की दवा, संक्रमण से बचाने की दवा, हृदय रोग संबंधी दवाएं और एंटीबायोटिक्स दवाएं शामिल हैं। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार दवा कंपनियों के वार्षिक थोक मूल्य सूचकांक (WPI) में बदलाव करने की मंजूरी दी है। दवा की कीमत तय करने वाली अथॉरिटी नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग (NPPA) ने सोमवार को कहा कि सरकार के अधिसूचित WPI के मुताबिक दवाओं की कीमतें 12.12% तक महंगी हो जाएंगी। देश की जरूरी दवाओं की लिस्ट में 384 मॉलिक्यूल की कीमतें शामिल हैं, जिसे शेड्यूल ड्रग्स के रूप में जाना जाता है। इससे 27 तरह की बीमारी में लगभग 900 फॉर्मुलेशन तैयार किए जाते हैं। दवाओं की लिस्ट देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
Medicine Price Hike:1 अप्रैल से जरूरी दवाओं की कीमतें बढ़ने वाली है।
लगातार दूसरे साल बढ़ी कीमतें
यह लगातार दूसरा साल है जब गैर-अनुसूचित दवाओं की लिए तय की गई कीमत से अधिक की वृद्धि की गई है। 384 मॉलिक्यूल, जरूरी दवाओं की राष्ट्रीय सूची का हिस्सा हैं, जिनकी कीमतें एनपीपीए तय करता है। इन्हें अनुसूचित दवाओं के रूप में भी जाना जाता है। बाकी गैर-अनुसूचित दवाएं जिनकी कीमतें तय करना एनपीपीए के नियंत्रण से बाहर हैं उन्हें हर साल 10% बढ़ाया जा सकता है। साल 2021 के लिए, दवाओं में बढ़ोतरी WPI में बदलाव के अनुरूप 10% से अधिक थी।
कुछ दिनों में जारी होंगी फॉर्मूलेशन की बढ़ी हुई कीमतें
ऐतिहासिक रूप से, WPI में वार्षिक परिवर्तन के कारण कीमतों में वृद्धि मामूली रही है, जो पिछले कुछ वर्षों में 1% और 2% के बीच रही है। टीओआई रिपोर्ट के मुताबिक एनपीपीए अगले कुछ दिनों में निर्धारित फॉर्मूलेशन की अधिकतम कीमतों को जारी करेगा।
