EPFO मेंबर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! ₹15,000 नहीं, अब ₹25,000 तक सैलरी लिमिट बढ़ा सकती है सरकार

जिन कर्मचारियों का मूल वेतन (Basic Salary) ₹15,000 तक है, उनके लिए ईपीएफ योजना में शामिल होना अनिवार्य है। इस वेतन पर 12% कर्मचारी और 12% कंपनी योगदान देती है। लेकिन पिछले 11 वर्षों में महंगाई और औसत वेतन में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसे देखते हुए ₹15,000 की लिमिट अब पुरानी पड़ चुकी है। सरकार का मानना है कि इस सीमा को ₹25,000 करने से लाखों ऐसे नए कर्मचारी पीएफ के दायरे में आ जाएंगे जो वर्तमान में इससे बाहर हैं।

देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य भविष्य निधि (PF) योगदान के लिए वेतन सीमा (Wage Ceiling) को बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। मौजूदा समय में यह सीमा ₹15,000 प्रति माह है, जिसे बढ़ाकर ₹25,000 किए जाने की संभावना है। अगर ऐसा होता है, तो यह बदलाव 2014 के बाद पहली बार होगा, जब कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा और रिटायरमेंट फंड को मजबूत करने के लिए सरकार इतना बड़ा कदम उठाएगी।

EPFO

वेतन सीमा बढ़ने का असल मतलब क्या है?

मौजूदा नियमों के अनुसार, जिन कर्मचारियों का मूल वेतन (Basic Salary) ₹15,000 तक है, उनके लिए ईपीएफ योजना में शामिल होना अनिवार्य है। इस वेतन पर 12% कर्मचारी और 12% कंपनी योगदान देती है। लेकिन पिछले 11 वर्षों में महंगाई और औसत वेतन में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसे देखते हुए ₹15,000 की लिमिट अब पुरानी पड़ चुकी है। सरकार का मानना है कि इस सीमा को ₹25,000 करने से लाखों ऐसे नए कर्मचारी पीएफ के दायरे में आ जाएंगे जो वर्तमान में इससे बाहर हैं।

End of Feed