EPF Rule: क्या 15000 रुपये से ज्यादा बेसिक सैलरी होने पर भी PF कटौती 1800 रुपये तक सीमित रह सकती है? जानें नियम

EPF Rule: ईपीएफ नियमों के अनुसार 15,000 रुपये से ज्यादा बेसिक सैलरी पर भी PF योगदान 1,800 रुपये तक सीमित हो सकता है। यहां विस्तार से समझिये।

EPF Rule : कई नौकरीपेशा लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि अगर उनकी बेसिक सैलरी 50,000 रुपये, 75,000 रुपये या 1 लाख रुपये है, तो भी उनका कर्मचारी भविष्य निधि योगदान (EPF Contribution) सिर्फ 1,800 रुपये प्रति माह क्यों तय रहता है। वहीं कुछ कर्मचारियों का PF योगदान उनकी पूरी बेसिक सैलरी के आधार पर कटता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि EPF नियमों के तहत आखिर कर्मचारी और नियोक्ता (कंपनी) कितना योगदान करने के लिए बाध्य हैं।

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ईपीएफ योगदान नियम

EPF में 1,800 रुपये योगदान का क्या है नियम?

EPF नियमों के अनुसार अनिवार्य योगदान (Mandatory Contribution) के लिए वेतन सीमा 15,000 रुपये प्रति माह तय है। मौजूदा नियम के तहत कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को बेसिक वेतन का 12 प्रतिशत योगदान करना होता है। अगर बेसिक वेतन सीमा 15,000 मानी जाए तो 12 प्रतिशत के हिसाब से कर्मचारी का योगदान 1,800 रुपये प्रति माह बनता है और नियोक्ता भी इतनी ही राशि जमा करता है। हालांकि, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 15,000 रुपये से ज्यादा है, तो भी हर स्थिति में कंपनी को पूरी सैलरी के आधार पर PF योगदान करना जरूरी नहीं होता।

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