Edible Oils to get cheaper : एडिबल ऑयल (Edible Oil) या खाद्य तेल कंपनियों ने खाना पकाने के तेल की कीमतों में 6 फीसदी तक की कटौती करने का फैसला किया है। इन कंपनियों ने ये फैसला सरकार के निर्देश के बाद लिया है। सरकार ने कहा था कि कमोडिटी के अंतरराष्ट्रीय रेट में गिरावट के हिसाब से ही अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) को कम किया जाना चाहिए।
खाने का तेल होगा सस्ता
अडानी विल्मर (Adani Wilmar) का बड़ा फैसला
अडानी विल्मर (Adani Wilmar) और जेमिनी एडिबल एंड फैट्स इंडिया ने खाद्य तेल की कीमतों में क्रमशः 5 रु लीटर और 10 रु प्रति लीटर की कटौती करने का फैसला किया है। ईटी के अनुसार इन्होंने कहा है कि कीमतों में कटौती का फायदा कंज्यूमर्स तक तीन सप्ताह में पहुंचेगा।
अडानी विल्मर ब्रांड नाम फॉर्च्यून (Fortune) के तहत एडिबल ऑयल बेचती है। वहीं जेमिनी एडिबल एंड फैट्स इंडिया जेमिनी ब्रांड की मालिक है।
जारी हो गया ऑर्डर
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (SEA) ने एक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि खाद्य और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने एसईए को अपने सदस्यों को खाद्य तेलों पर एमआरपी कम करने और उपभोक्ताओं को फायदे देने के लिए इंफॉर्म करने को कहा है।
6 महीनों में आई तेज गिरावट
एसईए के अनुसार पिछले छह महीनों में एडिबल ऑयल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी से कमी आई है। ये गिरावट खासकर पिछले 60 दिनों में देखने को मिली है। मूंगफली, सोयाबीन और सरसों के बंपर उत्पादन के बावजूद, रीजनल कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजारों के मुताबिक गिरावट नहीं आई।
एडिबल ऑयल का आयात बढ़ा
एसईए के डेटा के अनुसार एडिबल ऑयल का आयात मार्च में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत बढ़कर 11.35 लाख टन हो गया था। खाद्य तेल का आयात मार्च में बढ़कर 11,35,600 टन हो गया, जो एक साल पहले की अवधि में 10,51,698 टन था।
वहीं अखाद्य तेल (Non-Edible Oil) का आयात मार्च में घटकर 36,693 टन रह गया, जो पिछले साल इसी महीने में 52,872 टन था।
